अंडर-19 मेल नेशनल चैंपियनशिप: ओलिवर डेविस ने तूफानी पारी खेलकर बनाया दोहरा शतक

18 साल के डेविस ने इस पारी से इतिहास रच दिया। अंडर-19 मेल नेशनल चैंपियनशिप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी भी खिलाड़ी ने इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ा हो।

ऑस्ट्रेलिया के एक युवा बल्लेबाज ओलिवर डेविस ने एडिलेड में अंडर-19 मेल नेशनल चैंपियनशिप में तूफानी पारी खेलते हुए 115 गेंदों में 207 रन बना दिए। इस धुआंधार पारी के दौरान डेविस ने एक ओवर में 6 छक्के भी लगाए। डेविस की इस तूफानी पारी की बदौलत उनकी टीम ने इस मैच में चार विकेट खोकर 407 रन बनाए।

डेविस ने बनाया ये रिकॉर्ड

18 साल के डेविस ने इस पारी से इतिहास रच दिया। अंडर-19 मेल नेशनल चैंपियनशिप के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी भी खिलाड़ी ने इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक जड़ा हो।

207 रन की इस पारी में औली डेविस ने 17 छक्के जड़े। 40वें ओवर में डेविस ने ऑफ स्पिनर जैक जेम्स पर लगातार छह गेंदों पर छह छक्के लगाए। डेविस ने पहले 74 गेंदों पर अपनी सेंचुरी पूरी की।

इसके बाद 18 वर्षीय इस बल्लेबाज ने अगले 100 रन बनाने के लिए केवल 39 गेंदों का सामना किया

पारी के बाद ये बोले डेविस

इसके अलावा डेविस ने अपनी पारी में 14 चौके भी लगाए और दूसरे विकेट के लिए सैमुअल फैनिंग (109 गेंदों पर 99 रन) के साथ मिलकर 271 रन भी जोड़े।

छह छक्के लगाने के बाद NSW मेट्रो के कप्तान डेविस ने कहा – पहले 2 छक्के लगाने के बाद मुझे लगा कि मैं लगातार 6 छक्के लगा सकता हूं। मैंने चांस लिया और आखिर में कामयाब हुआ।

डेविस की पारी की बदौलत उनकी टीम को 168 रनों से जीत मिली। नॉर्थन टैरिटरी की टीम आखिरी ओवर में 238 रनों पर ऑल आउट हो गई।

6 छक्के लगाने वाले खिलाड़ी

दुनिया में 5 ही ऐसे बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का कमाल कर दिखाया है। ये उपलब्धि सबसे पहली बार वेस्टइंडीज के सर गैरी सोबर्स ने हासिल की थी। उनके अलावा रवि शास्त्री, हर्शल गिब्स, युवराज सिंह और एलेक्स हेल्स भी 6 गेंदों में 6 छक्के लगाने का कारनामा कर चुके हैं।

सर गैरी सोबर्स, नॉटिंघमशायर, 1968

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स ने 31 अगस्त, 1968 को विश्व क्रिकेट में पहली बार 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने का कमाल कर दिखाया था।

यह एतिहासिक काम किया था। सोबर्स प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 6 छक्के मार कर ऐसा करने वाले पहले क्रिकेटर बने थे। नॉटिंघमशायर के कप्तान के रूप में खेलते हुए उन्होंने ग्लेमॉर्गन के मैल्कम नैश के खिलाफ ऐसा किया।

इस ओवर में 5 बार उन्होंने गेंद को मैदान के बाहर पहुंचाया और छठी बार गेंद रोजर डेविस के हाथों में गई पर दुर्भाग्य से गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई। इससे पहले एक ओवर में सबसे ज्यादा 34 रन बनाने का रिकॉर्ड टेड एलेस्टन के नाम था।

रवि शास्त्री, मुंबई, 1985

सर गैरी सोबर्स के बाद किसी को ये कारनामा दोबारा करने में 16 साल लग गए और यह कमाल किया भारतीय बल्लेबाज रवि शास्त्री ने। शास्त्री ने 1984 में रणजी ट्रॉफी में बॉम्बे और बड़ौदा के मैच में बाएं हाथ के स्पिनर तिलक राज के ओवर में यह कारनामा किया। उन्होंने इसी मैच में प्रथम श्रेणी क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक भी लगाया। इसी के साथ शास्त्री 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले विश्व के दूसरे बल्लेबाज बन गए।

हर्शल गिब्स, दक्षिण अफ्रीका, 2007

दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हर्शल गिब्स एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में एक ओवर में 6 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। उन्होंने यह कारनामा 2007 के वर्ल्ड कप में सेंट किट्स के मैदान पर नीदरलैंडस के डेन वेन बंज के ओवर में किया था। इसी के साथ गिब्स ऐसा करने वाले तीसरे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पहले बल्लेबाज बन गए।

युवराज सिंह, भारत, 2007

टी-20 विश्व कप 2007 के दौरान युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंदों पर अपना गुस्सा उतारते हुए मैदान के चारों तरफ छक्के उड़ाए। युवराज सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज भी बन गए।

एलेक्स हेल्स, नॉटिंघमशायर, 2015

इंग्लैंड के खिलाड़ी एलेक्स हेल्स ने नॉटिंघमशायर की तरफ से नेटवेस्ट टी-20 ब्लास्ट टूर्नामेंट में वार्विकशायर के खिलाफ खेलते हुए 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाकर सभी को हैरान कर दिया था।

हालांकि हेल्स ने ये कमाल एक ही ओवर में नहीं किया। बॉयड रेंकिन के 11 वें ओवर की चौथी गेंद पर हेल्स ने एक शानदार छक्का लगाया फिर अंतिम दो गेंदों का भी वही हश्र किया।

उनको अगले ओवर की दूसरी गेंद पर वापस स्ट्राइक मिली, जहां उन्होंने फिर से लगातार 3 छक्के जड़े और यह कारनामा दो अलग ओवरों में पूरा किया।

 

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