मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना : सामूहिक विवाह में आदिवासियों से भेदभाव

धार. सरदारपुर तहसील के नर्सिंग देवला में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अंतर्गत हुए सामूहिक विवाह सम्मलेन में आदिवासियों के साथ छुआछूत और भेदभाव का आरोप लगाया गया हैं। जिसकी शिकायत कलेक्टर और एसपी को भी की गई थी।

एक ओर हमारा देश तरक्की कर रहा हैं आगे बढ़ रहा है। वहीं आज भी पुरानी कुरीतियां हमारे समाज में विधमान हैं। जिनसे पीछा नहीं छूट पा रहा है। आज भी सामाजिक भेदभाव हमारी मानसिकता में है उसमे कोई परिर्तन नहीं आ रहा है।

सरदारपुर के नरसिंग देवला में विगत 30 अप्रैल 2017 को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मलेन का आयोजन प्रशासन के द्वारा आयोजित किया गया था। जिसमे छुआछूत और भेदभाव हुआ है। जिसकी शिकायत मायाराम मेड़ा के द्वारा जनसुनवाई में धार कलेक्टर और एसपी को की गई थी लेकिन अभी तक इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। जिससे अब ये मामला दिन पे दिन तूल पकड़ रहा है।

धार एक आदिवासी बाहुल जिला हैं जहां ज्यादातर आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं और ऐसे में उनके साथ हुए भेदभाव की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होना। अपने आप में एक बड़ा सवालिया निशान खड़े करता है। आजादी के कई वर्षों के बाद भी अगर हालात नहीं सुधर पाएंगे तो फिर देश में डिजिटल और मेट्रो का क्या मतलब। हमारे देश में आज भी लोग संक्रिय सोच के साथ रह रहे हैं। अगर वाकई में जो आरोप लगाए गए है उनमे जरा भी सच्चाई है तो जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करना चाहिए और दोषियों को सजा देनी चाहिए। बता दें कि इस घटनाक्रम से आहत पहुंचने पर मयाराम मेड़ा ने आवेदन दिया है।

दान में दी गई वस्तुओ में किया गया भेदभाव

आवेदन के माध्यम से पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को अवगत करवाया गया हैं। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। आदिवासी वर-वधु के साथ हुए छुआछूत की शिकायत में मारु समाज के लोगों के नाम भी है। मेड़ा ने बताया की दान में दी गई वस्तुओं में भी भेदभाव किया गया था।

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