वास्तुशास्त्र के तहत करें घर के इन दोषों को दूर

उसके सर पर एक छत आ जाए

खुशहाल जीवन जीने के लिए व्यक्ति की चाहत होती है अपना घर। वह अपना पूरा जीवन इस संघर्ष में ही निकाल देता है कि उसके सर पर एक छत आ जाए और बिना छत के तो रंग बिरंगी दुनिया भी वीरानी सी लगती है।

जब आप किसी घर को खरीदने के लिए इतनी जद्दोहद करते हैं तो आप पूरी कोशिश करते हैं कि हम जो अपना सपनों का घर बना रहे हैं वह सभी तरह के दोषों से रहित हो।

इन दोषों को दूर करने का काम करता है वास्तुशास्त्र। इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं घर बनवाने के लिए वास्तु टिप्स, जिनका आपको घर बनवाते समय ध्यान रखना होगा।

दिशाओं का रखें ध्यानः- चार दिशाएं उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण, इन चार दिशाओं के आधार पर ही घर की बनावट तय होती है।

वास्तु शास्त्र का मानना है कि घर का मुख्य द्वारा यदि पूर्व या उत्तर दिशा में हो तो सर्वोत्तम माना होत, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि यदि आपका मुख्य द्वार किसी और दिशा में हो तो कोई समस्या हो सकती है।

शौचालय पूजा घऱ के पास ना होः- घर बनवाते समय आपको ध्यान रखना होगा कि शौचालय पूजा घर के आस-पास ना हो। इसके अलावा पूजा घर में प्रतिमा स्थापित नहीं होनी चाहिए। आप चाहें तो छोटी मूर्तियां व पोस्टर रख सकते हैं।

टैंक उत्तर या पूर्व में होः- मकान बनाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी प्रकार का भूमिगत टैंक, फ्रैश वॉटर टैंक, बोरिंग, कुआं, सैप्टिक टैंक, उत्तर अथवा पूर्व दिशा में होना चाहिए।

उत्तर दिशा में खुली जगह रखें- जब आप घर बनवा रहे हैं तब ध्यान रखें कि पश्चिम की तुलना में पूर्व दिशा में और दक्षिण की तुलना में उत्तर दिशा में ज्यादा खुली जगह होनी चाहिए।

भवन के इशान का रखे ध्यानः- भवन का ईशान यानी उत्तर पूर्व कोण घटा, कटा, गोल अथवा ऊंचा नहीं होना चाहिए। इसके अलावा दक्षिण पश्चिम कोण बढ़ा हुआ अथवा नीचा होना चाहिए।

>घऱ की ऊंचाईः- यह ध्यान रखें कि घर की ऊंचाई जमीन से एक से दो फीट ऊंची और घर में फर्श समतल हो। यदि साफ-सफाई के लिए ढाल देना चाहें तो उत्तर, पूर्व दिशा या इशान कोण की ओर ढाल दे सकते हैं।

पानी के निकास के लिए पश्चिम मुखी घर में यह दिशा शुभ होती है।

पूजा घर और बेडरूमः- पूजा घर और बेडरूम एक ही कमरे में नहीं होने चाहिए।

सीढ़ियों की संख्या विषमः- वास्तु शास्त्र में माना गया है कि सीढ़ी के पायदानों की संख्या विषम 21, 23, 25 होनी चाहिए।

घऱ में कबाड़ न रखें:- घऱ में कबाड़ का होना शनिचर की निशानी होता है। इसलिए कहते हैं कि घऱ में कबाड़ नहीं होना चाहिए। यदि घर में कबाड़ अधिक होता है तो कोई ना कोई समस्या घर में आती रहती है।

कमरे की लाइट्सः- कमरे की लाइट्स पूर्व या उत्तर दिशा में लगी होनी चाहिए।

Back to top button