छत्तीसगढ़

बच्चों के मनोविज्ञान को समझते हुए बच्चों से करें व्यव्हार : श्रीमती प्रभा दुबे

एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

बच्चों के मनोविज्ञान को समझते हुए बच्चों से करें व्यव्हार : श्रीमती प्रभा दुबे

रायपुर : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा यहाँ नलघर चौक स्थित जय नारायण पाण्डेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई.

कार्यशाला का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्कूलों में बच्चों के लिए सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण माहौल बने और विद्यालयों में बच्चों से किसी भी प्रकार का मौखिक या शारीरिक दुर्व्यवहार न हो .

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमें बच्चों के मनोविज्ञान को समझते हुए उनसे व्यवहार करना चाहिए .

खासकर स्कूलों में इस बात का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. उन्होंने बच्चों से कभी भी डांटकर या कड़े शब्दों में बातचीत न करने की अपील अध्यापकों से की ताकि बच्चों के कोमल मन पर बुरा असर न हो.

उन्होंने कहा कि घर और स्कूल दोनों जगह बच्चों को किसी भी स्थिति में शारीरिक दंड न दिया जाए इस बात का भी ध्यान रखना ज़रूरी है. आप सब स्कूलों में एक अध्यापक और घर पर एक पालक की भूमिका में हैं इसलिए बच्चों से गलती हो तो उनसे बात करके ही मामले को सुलझाएं .

उन्होंने कार्यशाला में आए प्राचार्यों से कहा कि संस्था प्रमुख होने के नाते उनकी ज़िम्मेदारी बनती है कि स्कूलों में कभी किसी बच्चे के आर्थिक सामाजिक और शारीरिक स्थिति पर ऐसी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए जिससे उसका मन आहत हो.

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