लद्दाख के घर को मिला यूनेस्को पुरस्कार

रखरखाव के अभाव में खाक में बदले पुरातन निर्माण शैली के एक भवन को शानदार मरम्मत कार्य के लिए यूनेस्को पुरस्कार मिला है।

17वीं शताब्दी में हुआ था लेह पैलेस में स्थिति इस भवन का निर्माण

नई दिल्ली। लद्दाख के इस भवन को सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए यूनेस्को एशिया-पैसिफिक पुरस्कार के तहत अवार्ड आॅफ डिस्टिंक्शन से सम्मानित किया गया है।

औपनिवेशिक काल के मुंबई विश्वविद्यालय के राजाबाई क्लॉक टॉवर और रत्तोनसी मुलजी जेठा फाउंटेन को संयुक्त रूप से चीन के एक प्रोजेक्ट के साथ आॅनरेबल मेंशन श्रेणी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यूनेस्को ने एक बयान में इसकी घोषणा की है।

लद्दाख प्रोजेक्ट के पुरस्कार के लिए अपनी प्रशस्ति पत्र में जूरी ने कहा है कि इस भवन के दोबारा पुराने रूप में आने से कला संबंधी गतिविधियों के लिए सजीव स्थान मिला है, जो स्थानीय लोगों के साथ ही वहां आने वाले लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। लेह पैलेस में स्थिति इस भवन का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था।

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