सांसद-विधायक निधि के वर्षों से अधूरे काम 6 माह में पूर्ण हो : बृजमोहन

रायपुर: जनता के प्रति हम जनप्रतिनिधि की जवाबदेह है। उनकी मांगों को स्वीकृत करने के पश्चात क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों की रहती है। ऐसे में अगर समय पर विकास के काम ना हो तो जनता की नाराजगी स्वाभाविक तौर पर दिखती है। सांसद-विधायक निधि से अधूरे काम को 6 महीने में पूरा करें। उक्त बातें रविवार को मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कही। उन्होंने उच्च अधिकारियों की 4 घंटे बैठक लेकर शहर में चल रहे विकासकार्यों की समीक्षा की। शहर से जुड़े प्रत्येक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री बृजमोहन ने शहर के धीमे विकास पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
रायपुर जिला कलेक्टर ओपी चौधरी, नगर निगम रायपुर आयुक्त रजत बंसल, समस्त जोन कमिश्नर सहित रायपुर के प्रमुख अफसरों की मौजूदगी में यह बैठक बृजमोहन अग्रवाल के निवास पर हुई। बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों के विकासकामों और समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने टिकरापारा स्थित जिला अस्पताल रायपुर को टिकरापारा में ही यथावत रखने के साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ सुविधाओं के विस्तार किये जाने ने निर्देश दिए।
बैठक में स्मार्ट सिटी का प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। जिसमे मल्टी लेवल पार्किंग,पम्प ट्रैक, हेल्थी हार्ट ट्रैक, जवाहर बाजार, आक्सी जोन, आनंद समाज लाइब्रेरी, मछली बाजार के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति बताई गई। मोर जमीन-मोर मकान योजना सहित आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बसाने वाली विभिन्न आवासीय योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
बृजमोहन ने कहा कि इस शहरी विकास अभिकरण की ओर से रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 17 गार्डनों के लिए 2013 में राशि स्वीकृत की थी परंतु अभी तक अनेक गार्डनों के निर्माणकार्य अधूरे हैं। इसी प्रकार सरजूबांधा तालाब, नरैया तालाब, बंधवा तालाब, खोखो तालाब, पहलदवा तालाब, कंकाली तालाब आदि के विकास के लिए करोड़ों राशि वर्ष 2013 से स्वीकृत की गई है, परंतु कार्य अभी भी अधूरे पड़े है। सौन्दर्यीकरण का मतलब सिर्फ वॉल निर्माण और घाट का निर्माण नही होता। सर्वोदय तालाब, छुइया तालाब, सत बहनियां तालाब के सौन्दर्यीकरण के लिए सरोहर हमारी धरोहर योजना के तहत राशि स्वीकृत की गई थी। परंतु स्थिति नहीं सुधरी है। करोड़ों रुपयों की लागत से बनने वाले विभिन्न नालों का निर्माण भी अधूरा है। इसी प्रकार पं. जेएन पांडेय स्कूल में अधोसंरचना मद से 1 करोड़ 20 लाख रुपये 20 दिसंबर 2011 से स्वीकृत हैं, परंतु 50 फीसदी काम अभी भी अपूर्ण है। कुछ ऐसा ही हाल सप्रे शाला का है। जहां मार्च 2013 से स्वीकृत 1 करोड़ 85 लाख के काम अपूर्ण है। यहा तक की मारवाड़ी श्मशान घाट तक का वर्ष 2013 से स्वीकृत कार्य अपूर्ण है। मठपुरैना, चौरसिया कालोंनी, बोरियाखुर्द क्षेत्र में वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी पाइप लाइन का विस्तार प्रारम्भ नहीं हो सका है। शहर के मध्य क्षेत्र नयापारा, गोल बाजार, कमासी पारा, सदर बाजार, तेलीपारा, ब्राह्मण पारा, कंकाली पारा, क्षेत्र में पिछले 1 वर्ष से पेयजल की समस्या बढ़ी हुई है। नलो से गंदे पानी की शिकायत भी आ रही है। शिकायत किए जाने के बाद भी नगर निगम की ओर से समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा की सुंदर नगर सोसाइटी में प्लाट धारकों को उनके नाम पर प्लॉटों का नामांतरण के लिये शिविर लगाना चाहिए। इस हेतु राजस्व विभाग जल्द पहल करें। उन्होंने सुभाष स्टेडियम में चल रहे धीमे निर्माणकार्य में तेजी लाने की बात कही।

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