केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह राकेश अस्थाना के प्रमोशन से जुड़े सवाल को टाल गए

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की सीबीआई के विशेष निदेशक के रूप में पदोन्नति पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया.
रविवार देर रात अस्थाना की पदोन्नति को लेकर इस तरह की खबरें छाई रहीं कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उनकी कथित संलिप्तता का विषय उठा दिया है.
कश्मीर के संबंध में एक शांति पहल की घोषणा करने के लिए संवाददाताओं को संबोधित कर रहे राजनाथ ने अस्थाना की प्रोन्नति के संबंध में एक पत्रकार के सवाल पर केवल इतना कहा कि विषय से संबंधित प्रश्न ही पूछा जाए.

1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्यरत थे. वह विजय माल्या के खिलाफ दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले और अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले जैसे सुर्खियों में रहे मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख हैं.
प्रशांत भूषण ने उठाए थे सवाल

अस्थाना की ईमानदारी पर संदेह प्रकट करते हुए उच्चतम न्यायालय के वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया, ‘इस दागी अधिकारी को पदोन्नत करने के लिए प्रधानमंत्री की हड़बड़ी तो देखिए जिसे पहले सीबीआई का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया. सरकार ने रविवार को एसीसी की बैठक होने की बात दर्शाई है जबकि प्रधानमंत्री गुजरात में हैं.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने अस्थाना की पदोन्नति को मंजूरी दी थी. इसके एकमात्र सदस्य राजनाथ सिंह हैं.
भूषण ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मोदी सरकार जिस बेशर्मी से कानून तोड़ रही है, वो रोजाना बढ़ रही है. एसीसी द्वारा अधिकारी को सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त करना उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है.’

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी की अध्यक्षता वाली आयोग की एक समिति ने खबरों के मुताबिक अस्थाना की पदोन्नति का विरोध करते हुए भ्रष्टाचार के एक मामले में उनकी कथित संलिप्तता का हवाला दिया था.
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार अस्थाना के सीबीआई का अगला निदेशक चुने जाने की संभावना हैं.

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