केन्द्रीय जातीय कार्य मंत्री ने नवनिर्मित एकलव्य आवासीय विद्यालय का किया लोकार्पण

अनुसूचित क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया गया

कोण्डागांव। विकासखण्ड के ग्राम पंचायत गोलावण्ड में नवनिर्मित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का लोकार्पण केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार जुएल ओराम ने किया।

इस मौके पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया गया है।

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा विशेष रुचि लेते हुए अनुसूचित वर्गो के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत उनमें शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जनजाति मंत्रालय का गठन किया गया था और इसके लिए आठ सौ करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया।

यह केन्द्र शासन के प्रयासों का ही परिणाम है कि ये मॉडल रेसिडेंसियल स्कूल बड़े शहरों के स्कूलों के समकक्ष पढ़ाई, अध्ययन सामग्री, आवास, भोजन के साथ ही एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक वातावरण ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराते है।

ताकि इस प्रतियोगिता के दौर में अनुसूचित वर्ग के छात्र अन्य वर्गो के छात्रों के समान पढ़ाई के उच्च स्तर को प्राप्त कर सके। जैसा कि यह पाया गया है आईआईटी, आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सुविधाओं के अभाव के कारण अनुसूचित वर्ग के छात्र पिछड़ जाते थे।

इस दूरी के अंतर को मिटाने के लिए ही एकलव्य आवासीय विद्यालय की परिकल्पना की गई। जिसके आज सकारात्मक परिणाम मिल रहे है,

इस रेसिडेंसियल शालाओं से उत्तीर्ण होकर निकलने वाले छात्र वर्तमान में प्रतिष्ठित परीक्षाओं के साथ-साथ आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसे उच्च प्रशासनिक पदों में चयनित हो रहे हैं।

उन्होंने इस बात की प्रसन्नता व्यक्त की कि इन शालाओं में स्मार्ट क्लासेस भी आरंभ कर दिए गए है ताकि जटिल विषयों की सामग्रियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को समझाया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय जिला प्रशासन दूरस्थ अंचल के ग्रामीण क्षेत्र में किए जा रहे रोजगार संबंधी नवाचारी पहल की भी सराहना किया। 

इसके साथ ही अन्य आगंतुक अतिथि राज्य मंत्री केन्द्रीय जनजातीय कार्य सुदर्शन भगत ने भी इस दूरस्थ क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त आवासीय विद्यालय को क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का शासन का एक बेहतरीन प्रयास बताया।

इसके अलावा राज्य शासन आदिम जाति कल्याण एंव स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद बस्तर दिनेश कश्यप ने भी स्थानीय छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने का उत्कृष्ट कदम करार देते हुए कहा कि अब क्षेत्र के विद्यार्थी उच्च पदो एवं परीक्षाओं में चयनित होकर अपने परिवार, गांव, जिले एवं राज्य का नाम रौशन करेंगें। 

जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने इस दौरान अपने प्रतिवेदन का वाचन करते हुए कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि माननीय अतिथियों के साक्षी में इस भव्य शिक्षा के मंदिर का लोकार्पण हो रहा है

इस शिक्षा के मंदिर से निकलने वाले छात्र एक नये बस्तर, एक नये छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगें। जिला बनने के बाद ही कोण्डागांव में विकास की रफ्तार तेज हुई है पहले राज्य के नक्शे में इस जिले को लालरंग से इंगित किया जाता था परन्तु अब इसका रंग तेजी हरा होता जा रहा है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पोषण एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐसे महत्वपूर्ण निर्माणाधीन कार्य गतिमान है जिससे भविष्य में एक नये विकसित कोण्डागांव का जन्म होगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस वर्ष तेन्दुपत्ता का बोनस छह करोड़ से बढ़ाकर चैदह करोड़ कर दी गई।

इसके अलावा जिले में 125 कि.मी. बहने वाली बारदा नदी के तटीय क्षेत्रो के चार से पांच स्थानों में पुल-पुलिया का निर्माण कर दिया गया है। जिससे पूर्व में अलग-थलग हो जाने वाले इन क्षेत्रों में विकास के एक नये युग की शुरुवात कर दी गई है।

 

उल्लेखनीय है कि लगभग 16 करोड़ के लागत से निर्मित इस 500 सीटर एकलव्य आदर्श विद्यालय में वर्तमान में 180 छात्र अध्यनरत है। इस अवसर पर वन विकास निगम अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी नान अध्यक्ष सुश्री लता उसेण्डी, जिला पंचायत सदस्य जंयती कश्यप, पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुजूर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

Back to top button