केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आचार संहिता उल्लंघन के केस में किया सरेंडर

इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई

बेगूसराय: राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सभा के दौरान जीडी कॉलेज में वंदे मातरम को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय पर विवादित बयान को लेकर बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीजेएम ठाकुर अमन कुमार के कोर्ट में सरेंडर किया.

सरेंडर के बाद कोर्ट से बीजेपी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह को जमानत मिल गई. इस संबंध में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

इसी मामले में आज सीजेएम कोर्ट में गिरिराज सिंह ने आत्मसमर्पण किया. इसके बाद उन्हें जमानत मिल गई. अधिवक्ता अमरेन्द्र कुमार अमर ने कहा कि समर्पण के बाद जमानत मिल गई है. गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं कानून का सम्मान करता हूं. गलतफहमी में मेरे ऊपर मामला दर्ज कराया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि वंदे मातरम कहना देश में अपराध नहीं है. मैंने लोगों को सलाह दिया था.

चुनाव आयोग ने गिरिराज सिंह पर उस बयान के लिए नोटिस जारी किया था, जिसमें गिरिराज सिंह ने कहा था कि जो व्यक्ति वंदे मातरम नहीं कह सकता है, वह अपनी मातृभूमि की पूजा कैसे कर सकेंगा. उन्होंने अपने बयान में कहा था, ‘मेरे पिता और दादा की मृत्यु गंगा किनारे हुई थी और उन्हें कब्र की जरूरत भी नहीं पड़ी थी.

लेकिन तुम्हे मरने के बाद भी तीन हाथ जमीन की जरूरत है. इसके बाद भी अगर ऐसा करते हो तो देश तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा.’

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