सेल्फी, मिठाई, शोरगुल, चरण स्पर्श नहीं… उमा भारती के दफ्तर में चिपके हैं आधा दर्जन नोटिस

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपना कद घटने पर सख्त नाराजगी जताई थी

सेल्फी, मिठाई, शोरगुल, चरण स्पर्श नहीं… उमा भारती के दफ्तर में चिपके हैं आधा दर्जन नोटिस

आमतौर पर देखा जाता है कि राजनीति में अधिकतर राजनेता चाहते हैं कि समर्थक उनका सम्मान करें। उनके लिए जय-जयकारे के नारे लगाएं, सेल्फी लें, चरण स्पर्श करें। हालांकि केंद्रीय मंत्री उमा भारती के दफ्तर में जो नोटिस लगाए गए हैं वो आपको चौंका सकते हैं! दिल्ली के अकबर रोड पर स्थित भारती के निवास से जुड़े उनके दफ्तर में आधा दर्जन नोटिस लगाए गए हैं। इनमें एक नोटिस में विजिटर्स के स्वागत के साथ सख्त हिदायत दी गई है कि वह केंद्रीय मंत्री के लिए मिठाई ना लाएं। एक अन्य नोटिस में लिखा गया है कि मेहरबानी करके मंत्रियों के चरण स्पर्श ना करें। एक नोटिस में लिखा गया है कि शांति बनाए रखें शोर ना मचाएं। एक नोटिस में बताया गया है कि लोग मंत्री के साथ सेल्फी या फोटो ना खिंचवाएं।

बता दें कि मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपना कद घटने पर सख्त नाराजगी जताई थी। उन्होंने अपने साथियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि आज की राजनीति चापलूसी और साजिश की हो गई है। उन्हें ना चापलूसी आती है और ना ही साजिश। इसलिए वह खुद साजिश की शिकार हो गईं। उज्जैन के एक कार्यक्रम में पहुंचीं भारती ने आगे कहा कि वह वर्तमान दौर की राजनीति में मोगली हैं।

इस दौरान मंच संचालक ने जब साध्वी उमा भारती का परिचय प्रखर वक्ता के रूप में दिया, तो उमा ने मोगली का किस्सा सुना डाला। उन्होंने कहा, मोगली नाम का बच्चा जंगल में पैदा हुआ था, जिसे भेड़िए उठा ले गए, बाद में वह मिल गया। मैं सोचती हूं कि अगर मोगली राजनीति में आ जाए तो वह क्या-क्या करेगा, वही कुछ मैं भी करती हूं।

उमा भारती ने आगे कहा, किसी के बारे में ऐसी चर्चा हो जाती है कि वह ऐसा है और यह बात आगे चलती रहती है, इसी तरह मेरे साथ हुआ। कहीं प्रवचन दिए तो लोगों ने प्रखर वक्ता कह दिया और आज भी वह कहा जा रहा है। वास्तव में मैं प्रखर वक्ता हूं नहीं।

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