छत्तीसगढ़

अनोखी नदी: दिन में दो बार बदलता है पानी का रंग, अधिकारी भी हैरान

अंकित मिंज

बिलासपुर। सरगांव के पास मनियारी नदी का पानी अब रंग बदलने लगा है। सुबह इसका रंग जहां लाल होता है वहीं शाम होते-होते हरा हो जाता है। अचानक पानी का रंग बदलता देख अधिकारी भी हैरान हैं। कारणों का पता लगाने सैंपल माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजा गया है।

अधिकारी अब इसके पीछे औद्योगिक प्रदूषण से हटकर दूसरे कारणों पर भी विचार कर रहे हैं।
सरगांव के पास सिंचाई विभाग का एनीकट बना है। इसके कारण सरगांव पुल के आसपास पानी जमा है। नदी में बहाव बंद होने के कारण यहां पानी स्थिर है।

ग्रामीणों ने की थी शिकायत

एक सप्ताह पहले ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एनीकट में रुके पानी का रंग लाल हो गया है। सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आसपास के उद्योगों की जांच की तो उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे पानी लाल होने के कारणों का पता चल सके।
अब पर्यावरण विभाग ने जांच की कमान संभाली है।

सुबह दिखता है लाल, शाम को हरा

यहां पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने दिनभर जांच की। आसपास के उद्योगों में उन्होंने देखा लेकिन ऐसा कोई कारण उन्हें नहीं मिला जिससे पानी लाल हो जाए। इस बीच शाम के वक्त उन्हें चौंकाने वाली जानकारी यह मिली कि जो पानी सुबह लाल दिखता है
वह शाम होते ही हरा हो जाता है।

इसने अचानक से जांच की दिशा ही बदल दी है। पहले औद्योगिक प्रदूषण को इसका जिम्मेदार माना जा रहा था। अब पानी का रंग बदलता देख इसके पीछे माइक्रोबायोलॉजिकल गतिविधि को कारण माना जा रहा है। पर्यावरण विभाग ने अब इसी हिसाब से कारणों की जांच शुरू कर दी है।

पानी को विभागीय लैब में भेजा गया जांच के लिए

पानी का सैंपल लेकर विश्वविद्यालय और विभागीय लैब में जांच के लिए भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
आयरन ओर हो सकता है।

जिम्मेदार सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता आरपी साव ने भी पानी के रंग बदलने को लेकर जांच की है। उन्हें अपनी जांच के बाद अंदेशा जाहिर किया है कि यह कोई आयरन ओर या रेड आक्साइड हो सकता है। लाल रंग की अज्ञात चीज पानी पर तैर रही है।

जैसे ही उसे हटाकर नीचे देखें तो पानी साफ है। मतलब लाल रंग की चीज ऊपर तैरती है,लेकिन पूरा पानी प्रदूषित नहीं है। चूंकि पानी यहां पर स्थिर है,इसलिए वह आगे बहता भी नहीं है।
जलीय जीवों को नुकसान नहीं

सरगांव में जिस जगह पर पानी लाल रंग का है वहां पर्यावरण विभाग ने प्रारंभिक जांच की है।

इससे पता चला कि पानी में रहने वाले जलीय जीव को लाल पानी के कारण कोई नुकसान नहीं हो रहा है।

औद्योगिक प्रदूषण प्रदूषण कारण नहीं

अगर औद्योगिक प्रदूषण के कारण पानी लाल होता है तो उसमें रहने वाले जलीय जीव मरने लगते हैं। यहां ऐसा नही है।
फैक्टरी 2006 से चल रही है। आज तक पानी लाल होने की शिकायत कभी नहीं आई। हम पावर जनरेट करते हैं। कैमिकल बनाने जैसा कोई काम नहीं होता है। हम खुद हैरान हैं कि पानी लाल,हरा क्यों हो रहा है।

अधिकारियों ने लिए सैंपल

पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने सैंपल लिए हैं। हमें भी रिपोर्ट का इंतजार है। – राजीव बाजपेयी, एचओडी रीयल पावर प्लांट
मनियारी नदी के पानी का सैंपल लिया गया है। नदी के पास मौजूद फैक्टरी मालिकों को नोटिस जारी किया गया है।

एक सप्ताह में उन्हें जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम अराध्या कुमार ने बताय़ा कि प्रारंभिक जांच से लग रहा है कि पानी लाल और हरा होने के पीछे औद्योगिक प्रदूषण कारण नहीं है।

यह कोई माइक्रोबायोलॉजिकल एक्टिविटी का नतीजा है। पानी का सैंपल लैब जांच के लिए भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। फिलहाल अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं।

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