भारतीय संविधान की शपथ लेकर हुई अनोखी शादी, फिर लगाया गया रक्तदान शिविर

नई दिल्ली. अपनी शादी (marriage) को अनोखा और यादगार बनाने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। कोई उड़नखटोले पर सवार होता है तो कोई पानी के अंदर एक-दूसरे के साथ पूरी उम्र बिताने की कसम खाता है। लेकिन ओडिशा में एक ऐसी अनोखी शादी हुई, जिसमें समाज को संदेश देने का गंभीर प्रयास दिखाई दिया। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ओडिशा के बेरहामपुर में एक दंपति ने अनोखे तरीके से शादी की। उनकी इस शादी में मानो पूरा शहर शामिल हुआ।

दरअसल, नवदंपती बिप्लब कुमार और अनीता ने भारतीय संविधान की एक प्रति सामने रखकर एक-दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार करने की प्रतिज्ञा ली। सिर्फ यही नहीं इस अवसर को यादगार बनाने के लिए उन्होंने एक रक्तदान शिविर (blood donation camp) का आयोजन भी किया।

इस दौरान नवदंपती ने शादी में आए मेहमानों के साथ रक्तदान शिविर में भाग लेकर रक्तदान भी किया। अपनी शादी को लेकर दंपती ने कहा कि हर किसी को दहेज प्रथा से बचना चाहिए। साधारण तरीके से विवाह करना पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि इसमें कोई पटाखा नहीं फोड़ा जाता या तेज संगीत नहीं होता है।

बिप्लब कुमार ने कहा कि हमारी शादी में हमने ऐसा करने वाले बारातियों से बचने की कोशिश की। दवा कंपनी में कार्यरत बिप्लब कुमार ने कहा कि हर किसी को रक्तदान करना चाहिए, यह एक नेक काम है।

कुमार के जैसी ही भावनाएं उनकी पत्नी अनीता ने भी व्यक्त कीं। अनीता पेशे से एक सहायक नर्स हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन के नए चरण को एक अलग तरीके से शुरू करने को लेकर काफी खुश हैं।

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