जी-7 के बैठक में बड़ी कंपनियों पर 15% तक टैक्स की सहमति

जी-7 ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर 15 प्रतिशत वैश्विक न्यूनतम कर लगाने के ऐतिहासिक समझौते के समर्थन का फैसला किया

विश्व के वि‍कसि‍त देशों के संगठन जी-7 ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर कम से कम 15 प्रतिशत वैश्विक न्यूनतम कर लगाने के एक ऐतिहासिक समझौते का समर्थन करने का फैसला किया है। लंदन में जी-7 के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में यह भी सहमति हुई कि बड़ी कंपनियों को अपने वास्‍तविक ठिकाने के साथ साथ वहां भी टैक्स देना चाहिए, जहां उनके उत्पादों की बिक्री होती है।

जी-7 के मंत्रियों ने कहा कि वे अलग-अलग देशों के आधार पर कम से कम 15 प्रतिशत वैश्विक न्यूनतम कर लागू कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। समझौते के अनुसार जिन देशों में कंपनियों के उत्पादों की बिक्री होती है, उन देशों को कंपनी के मुनाफे पर कम से कम 20 प्रतिशत कर लेने का अधिकार होगा। बड़ी और ज्यादा मुनाफा कमाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर अलग से 10 प्रतिशत कर लगाया जा सकता है। जी-7 के मंत्रियों में यह भी सहमति हुई है कि कंपनियों की गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि निवेशक फैसला कर सकें कि उन्हें कंपनियों में निवेश करना है या नहीं।

ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनाक ने कल इस समझौते की घोषणा की। अमरीका के विदेश मंत्री जेनेट एलेन ने समझौते को ऐतिहासिक बताया।

इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जी-7 के सदस्य देशों का आह्वान किया है कि वे 2022 के अंत तक दुनिया के सभी लोगों को कोविड-19 से बचाव का टीका उपलब्ध कराने का संकल्प लें। ब्रिटेन अगले सप्ताह लगभग दो साल के अंतराल के बाद जी-7 की बैठक आयोजित करेगा, जिसमें सभी नेता व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे। यह बैठक अगले सप्ताह शुक्रवार को शुरू होगी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष के अंत तक संपूर्ण विश्व का टीकाकरण चिकित्सा विज्ञान के इतिहास की सबसे महान उपलब्धि होगी। उन्होंने जी-7 के अन्य नेताओं से ब्रिटेन के इस अभियान में साथ देने का अनुरोध किया। अमरीका, फ्रांस, इटली, जापान, जर्मनी और यूरोपीय संघ तथा कनाडा के नेता बैठक में भाग लेंगे। इस साल जनवरी में अमरीका का राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन का यह पहला विदेशी दौरा होगा।

जी-7 देशों के वित्‍त मंत्रि‍यों की बैठक में भाग लेने के लिए लंदन गई अमरीका की वित्तमंत्री जेनेट एलेन ने कहा कि अमीर देशों का यह तात्कालिक दायित्व है कि वे गरीब देशों को टीका उपलब्ध कराएं। उन्होंने कोविड वैक्सीन को पेटेंट अधिकारों से मुक्त रखने के प्रति अमरीका का समर्थन दोहराया।

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