UPSC: इंटरव्यू में फेल हुए तो भी मिलेगी सरकारी नौकरी!

साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुँच कर दो तिहाई से अधिक असफल हो जाते हैं.

नई दिल्ली: हमारे देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी की परीक्षा को कहा जाता है. कुछ होनहार लोग अपने दिन-रात संघर्ष और कड़ी मेहनत के बूते प्री और मेंस परीक्षा में तो सफल हो जाते है, वहीं जब साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुँच कर दो तिहाई से अधिक असफल हो जाते हैं.

ऐसे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए UPSC नया नियम लाने की योजना तैयार कर रहा है. वहीँ इंटरव्यू में फेल हुए उम्मीदवारों को दूसरी शासकीय नौकरी दी जाएगी.

यूपीएससी ने केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों को सिविल सेवा परीक्षा के उन उम्मीदवारों की भर्ती करने की सिफारिश की है जो इंटरव्यू में पास नहीं हो पाते हैं. अगर ऐसा होता है तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खोल सकता है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- UPSC के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने कहा, “हमने केंद्र सरकार और मंत्रालयों को ऐसे लोगों की भर्ती करने का प्रस्ताव दिया है, जो सिविल सेवा और अन्य परीक्षाओं में इंटरव्यू राउंड में फेल हो जाते हैं. ये बात सक्सेना ने हाल ही में ओडिशा में आयोजित राज्य लोक सेवा आयोग के 23वें सम्मेलन में कहा था.

सक्सेना ने बताया हर साल करीब 11 लाख उम्मीदवार UPSC की परीक्षा में हिस्सा लेते हैं. फिर प्री, मेंस और इंटरव्यू की प्रक्रिया होने के बाद 600 उम्मीदवारों को चुना जाता है.

वहीं ऐसे उम्मीदवार भी है जो वाइवा वॉइस के आखरी चरण तक तो पहुंच जाते हैं, पर रैंक लाने में असफल हो जाते हैं. सरकार और अन्य संगठन भर्ती के दौरान उन पर विचार विमर्श कर सकते हैं क्योंकि वे पहले ही मुश्किल स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजर चुके हैं और केवल अंतिम चरण में असफलता का मुंह देखना पड़ता है.

अगर ऐसा होता है तो युवाओं में सिविल सेवा परीक्षा के तनाव को भी कम करने में मदद होगी. साथ उम्मीदवार के मन में नौकरी को लेकर उम्मीद बना रहेगा.

सक्सेना ने कहा कि UPSC परीक्षा की प्रक्रिया को उम्मीदवार फ्रेंडली बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाली सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को जल्द ही अपने आवेदन फॉर्म वापस लेने का ऑप्शन भी दिया जाएगा.

परीक्षा प्रक्रिया को उम्मीदवारों के लिए पारदर्शी बनाने के लिए UPSC कई उपाय भी कर रही है. “आयोग धीरे-धीरे कागज और पेंसिल-आधारित परीक्षाओं की बजाए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लाने की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने कहा, जब उम्मीदवार परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करेगा तो आवेदन के लिए एक (रजिस्ट्रेशन नंबर) जनरेट किया जाएगा. जिस स्तर पर उम्मीदवारों को ऑप्शन दिया जाएगा कि वह कि चाहे तो अपना आवेदन फॉर्म वापस ले सकते हैं. यह पूरी तरह से स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा.

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