एसआरसीसी से हटाया आलोक वर्मा का नाम, भाषण देने का किया गया था आग्रह

आलोक वर्मा को यहाँ नौ जनवरी को आमंत्रण भेजा गया था

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स स्टूडेंट्स यूनियन बिजनेस कॉन्क्लेव 2019 के वक्ताओं की सूची में से सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा का नाम हटा दिया गया है. पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को यहाँ नौ जनवरी को आमंत्रण भेजा गया था जिसमे उनको भाषण देने का आग्रह किया गया था.

एक अधिकारी ने पूछा गया कि आलोक वर्मा को आमंत्रण भेजने से पहले क्या कॉलेज प्रशासन से मंजूरी ली गई थी? तो उन्होंने जवाब दिया, हां. लेकिन विवाद होने और कुछ अन्य मुद्दे सामने आने के बाद आयोजन समिति ने उनका नाम हटाने का फैसला किया. जब एसआरसीसी की प्रिंसिपल सिमरत कौर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस आमंत्रण और इससे जुड़े किसी भी मामले की जानकारी नहीं है.

बता दें, पीएम मोदी की अध्यक्षता में चयन समिति द्वारा सीबीआई निदेशक के पद से हटाए जाने के एक दिन बाद आलोक वर्मा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. वर्मा ने अपने त्याग-पत्र में कहा था कि यह सामूहिक आत्ममंथन’ का क्षण है.

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव को भेजे गए अपने इस्तीफे में वर्मा ने कहा था, ‘यह भी गौर किया जाए कि अधोहस्ताक्षरी (नीचे दस्तखत करने वाला) 31 जुलाई 2017 को ही सेवानिवृत हो चुका था और 31 जनवरी 2019 तक सीबीआई के निदेशक के तौर पर अपनी सेवा दे रहा था, क्योंकि यह तय कार्यकाल वाली भूमिका होती है.

अधोहस्ताक्षरी अब सीबीआई निदेशक नहीं है और महानिदेशक दमकल सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षा के पद के लिहाज से पहले ही सेवानिवृति की उम्र पार कर चुका है. अत: अधोहस्ताक्षरी को आज से सेवानिवृत समझा जाए.’

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