ईरान के तेल पर US ने लगाई रोक, भारत- पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने को लेकर परेशान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ईरान से तेल खरीद पर अमेरिकी छूट खत्म होने के बाद सऊदी अरब, कुवैत, यूएई जैसे बड़े उत्पादक देशों से संपर्क साधा है, ताकि कच्चे तेल में उछाल से प्रभावित पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखा जा सके। तेल के दाम बढ़ने से आयात बिल बढ़ेगा, जिसका असर राजकोषीय और चालू खाते का घाटा भी बढ़ सकता है।

शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि ईरान से खरीद बंद होने के बाद भारत 1.5 करोड़ टन तेल की कमी को पूरा करने के प्रयास कर रहा है। कोशिश है कि पुरानी नियम-शर्तों पर ही सऊदी, यूएई जैसे देशों से आपूर्ति बढ़ाई जाए। भारत को ईरान से सस्ता तेल मिलता है और वह भुगतान के लिए भी ज्यादा वक्त देता था। ईरान से तेल आवाजाही पर बीमा भी मुफ्त है। कच्चे तेल में तेजी और भारी टैक्स के कारण पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली में पेट्रोल 84 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था, जबकि डीजल 70 रुपये तक पहुंचा था।

आपूर्ति के लिए मजबूत योजना तैयार : प्रधान

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ट्वीट किया कि भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए एक मजबूत योजना तैयार की गई है। इसमें अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों से अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था होगी। भारतीय रिफाइनरियां पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की देशव्यापी मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ईरान पर पाबंदी को देखते हुए इराक और सऊदी अरब ने तेल आपूर्ति बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

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