विज्ञान तकनीकों के उपयोग से स्थानीय समस्याओं के समाधान तलाशे जाएं: डॉ.के.सुब्रमणियम

-राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2018 की क्षेत्रीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का समापन :

रायपुर।

छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. के. सुब्रमणियम ने आज राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2018 के संबंध में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय उन्मुखीकरण कार्यशाला (रिजनल लेवल ओरिएंटेशन वर्कशॉप) के समापन समारोह में कहा कि विज्ञान तकनीकों के उपयोग से समाज की स्थानीय समस्याओं के समाधान तलाशने का प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे इसका लाभ समाज को मिल सके।

उन्होंने कार्यशाला में शामिल विभिन्न राज्यों के राज्य समन्वयकों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारियों का बेहतर उपयोग करते हुए अपने-अपने राज्यों में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन करने का आग्रह किया।

उन्होंने कार्यशाला को काफी उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की। समापन समारोह का आयोजन पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर की रसायन अध्ययन शाला के सीवी रमन सभागार में किया गया।

छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस कार्यशाला में मध्य पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, झारखण्ड तथा छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक, राज्य शैक्षिक समन्वयक, रिसोर्स पर्सन, पर्यवेक्षक शामिल हुए।

इस तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान नेशनल एकेडेमिक कमेटी के सदस्य प्रोफेसर ई. कुन्हीकृष्णन (तिरूवंतपुरूम), डॉं. पुलिन चक्रवर्ती (कोलकाता), डॉ. ललित शर्मा (मुम्बई), इंजीनियर यू. एम. रविकुमार (मैसूर), डॉ. सुनील दुबे (उदयपुर) और डॉ. जयंत कुमार शर्मा (असम) ने प्रतिभागियों को मार्ग दर्शन दिया।

उन्होंने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2018 के मुख्य विषय, विज्ञान तकनीकी एवं नवाचार-स्वच्छ, हरा-भरा एवं स्वस्थ राष्ट्र तथा इससे संबंधित उप विषयों पर और आयोजन से जुडे़ निदेर्शों तथा विधियों की जानकारी, कार्यक्रम की रूपरेखा, विशेष रूप से मूल्यांकन की पद्धति, बाल विज्ञान कांग्रेस 2018 के मुख्य विषय तथा उपविषयों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. श्रीमती जे.के.राय ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों के प्रति आभार प्रकट किया।

कार्यशाला के समापन समारोह में पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय की रसायन शाला के प्रोफेसर कल्लोल क.े घोष और प्रोफेसर एमके देव कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित थे।

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