छत्तीसगढ़

खनिज संस्थान न्यास निधि का उपयोग करें जन कल्याणकारी कार्यों में : मंत्री रविन्द्र चौबे

कृषि मंत्री की अध्यक्षता में डीएमएफ शासी परिषद् की बैठक सम्पन्न

रायपुर, 17 जुलाई 2020 : कृषि मंत्री और रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) की शासी परिषद की आयोजित बैठक हुई। बैठक जिला कलेक्टोरेट रायपुर रेडक्रास के सभाकक्ष में आयोजित हुई।

बैठक में चौबे ने कहा कि डीएमएफ राशि का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल जैसे जन कल्याणकारी कार्यों में किया जाए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के नियंत्रण के लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग कैसे किया जाए।

कोविड अस्पतालों में बेड और संसाधन की व्यवस्था, सुरक्षा के उपायों, स्कूलों, आंगनबाड़ी भवनों, सामुदायिक भवनों में सेनेटाईजेशन की स्थिति के साथ-साथ रायपुर जिला खनिज संस्थान न्यास को अब तक प्राप्त आबंटन, स्वीकृति और व्यय की स्थिति के सबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर लगभग 9 करोड़ रूपए के विकास कार्यों को स्वीकृति भी दी गई।

बैठक में नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, विधायक एवं छत्तीसगढ़ हाऊसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक धनेन्द्र साहू, विधायक अनिता योगेन्द्र शर्मा, राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, एस.एस.पी.अजय यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव कुमार सिंह, शासी परिषद के सदस्य और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री चौबे ने डीएमएफ के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17

बैठक में मंत्री चौबे ने डीएमएफ के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 से वित्तीय वर्ष 2020-21 तक स्वीकृत कार्यो की प्रगति का विस्तारपूर्वक जानकारी ली। बैठक में न्यास निधि में प्राप्त आंबटन वित्तीय वर्ष 2020-21 तक,न्यास निधि से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग गाइडलाईन के अनुरूप उच्च प्राथमिकता के क्षेत्र, पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, कृषि और वृद्धजन, निःशक्तजन के कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, जन कल्याण, सतत् जीविकोपार्जन में डीएमएफ की राशि का 60 प्रतिशत खर्च किया जाए। साथ ही अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र में 40 प्रतिशत खर्च किया जाए।

बैठक में भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन, सांकस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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