मध्यप्रदेश

फसलों की सिंचाई के लिए किसान कर रहे सोलर एनर्जी का प्रयोग

सौर ऊर्जा से बोर में लगी 3 एचपी की मोटरपंप के जरिए वे हर दिन 8 से 10 घंटे तक खेतों में लगी गेहूं व सब्जी की फसल की सिंचाई कर रहे हैं।

मुख्यालय से 15 किमी दूर कटंगी रोड पर स्थित गोकलपुर सहित अन्य गांव के आधा दर्जन किसान खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सोलर यूनिट से बिना खर्च किसान 8 से 10 घंटे तक मोटर पंप से कुएं व बोर के पानी की सिंचाई कर रहे हैं। सौर ऊर्जा अपनाने से किसानों को बिजली की अघोषित कटौती व भारी भरकम बिलों से छुटकारा मिल रहा है।

गोकलपुर के किसान ईश्वरदयाल ठाकुर ने बताया कि सड़क किनारे लगी 5 एकड़ जमीन में उन्होंने 3 एचपी क्षमता का सोलर एनर्जी प्लांट लगवाया है।

नवीनीकृत ऊर्जा विभाग से 36 हजार रुपए की लागत में अनुदान राशि पर सोलर प्लांट खेत में लगाया गया है। मार्च 2018 में उन्होंने सोलर एनर्जी यूनिट लगवाया था।

सौर ऊर्जा से बोर में लगी 3 एचपी की मोटरपंप के जरिए वे हर दिन 8 से 10 घंटे तक खेतों में लगी गेहूं व सब्जी की फसल की सिंचाई कर रहे हैं।

सुबह सूरज निकलते ही यूनिट से सोलर एनर्जी तैयार होनी शुरू हो जाती है। शाम ढलते तक इसे इस्तेमाल में लिया जा सकता है।

वोल्टेज समस्या से निजात

इससे पहले वे बिजली विभाग से लिए 2 एचपी के बिजली कनेक्शन से मोटरपंप चलाकर खेतों की सिंचाई करते थे।

हर छह महीने में बिजली विभाग को 14 सौ रुपए के बिल का भुगतान करना पड़ता था। लेकिन बिजली के आने व जाने का कोई ठिकाना नहीं रहता था। वोल्टेज की समस्या के कारण भी मशीन में बार-बार खराबी आ जाती थी।

सोलर एनर्जी यूनिट से अब उन्हें इस झंझट से निजात मिल गई है। किसान ईश्वरदयाल ठाकुर ने बताया कि हालांकि अभी उन्होंने बिजली कनेक्शन नही कटवाया है, लेकिन जल्द ही वे इसे कटवा देंगे।

नहीं मिल रहा मार्गदर्शन

किसानों ने बताया कि 90 प्रतिशत अनुदान पर लगाए जा रहे इन सोलर यूनिट के बारे में किसानों को ज्यादा जानकारी नहीं है।

ऑनलाइन आवेदन करने के लिए किसान कृषि विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं। बड़ी संख्या में किसान सोलर एनर्जी को अपनाना चाहते हैं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन में आ रही दिक्कतों के कारण किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

सौर ऊर्जा की तरफ बढ़ रहे किसान

किसान ईश्वरदयाल ठाकुर ने बताया कि गांव के अन्य दो किसानों तीरथप्रसाद, तेजसिंह ने भी अपने खेतों में बने कुओं में 2 एचपी क्षमता वाले सोलर यूनिट लगवाए हैं।

2 एचपी यूनिट के लिए किसानों को 23-23 हजार रुपए का खर्च आया है। गोकलपुर से लगे पाठापार गांव के दो किसानों जगन्नाथ बिसेन व मनसाराम बिसेन ने भी अपने बोरिंग में 3-3 एचपी के सोलर यूनिट लगवाए हैं। सोलर यूनिट से किसान आसानी से अपने खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं।

अभी तक जिले में 85 सोलर पंप लगाए

अक्षय ऊर्जा अधिकारी सुनील गावखड़ेकर ने बताया कि जिले में अभी तक 85 किसानों ने सोलर पंप लगवाए हैं। एक से 3 एचपी क्षमता वाले सोलर यूनिट में 90 प्रतिशत तक किसानों को अनुदान दिया जाता है।

किसान एमपी सीएम सोलर बेवसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। बोर की गहराई 300 फिट तक होने पर ही सोलर पंप काम कर सकता है।

सोलर प्लेट के साथ मोटरपंप व अन्य सामग्री भी किसान के खेत में योजना के तहत लगाई जा रही है। 5 साल तक इसका मेंटेनेंस भी संबंधित कंपनी द्वारा किया जा रहा है। किसान इसे लगवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं।

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