योगी सरकार ने पेश किया 4 लाख 28 हजार करोड़ का मेगा बजट, 2019 पर फोकस

प्रदेश में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017 लागू की गई है

योगी सरकार ने पेश किया 4 लाख 28 हजार करोड़ का मेगा बजट, 2019 पर फोकस

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपना दूसरा बजट पेश किया. 2019 से पहले पेश इस बजट को राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है. वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट भाषण की शुरुआत शायरी पढ़कर की. वित्त मंत्री ने 4 लाख 28 हजार करोड़ का मेगा बजट पेश किया. यह बजट पिछले साल की तुलना में 11.4 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल 3.84 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था.
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बजट की प्रमुख बातें-

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण

प्रदेश में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2017 लागू की गई है. मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन के क्रियान्वयन हेतु 42 करोड़ 49 लाख रुपये की व्यवस्था.

सहकारिता

उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण की योजना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था.

दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 575 करोड रुपए. इसके अलावा एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपए. स्पोर्ट्स कॉलेज एवं स्टेडियम की स्थापना एवं विकास के लिए 74 करोड़ रुपए. राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए 3 करोड़ रुपए.

कृषि एवं संबद्ध सेवाएं

खाद्य उत्पादन का लक्ष्य 581 लाख 60 हजार मीट्रिक टन और तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 11 लाख 28 हजार मीट्रिक टन रखा गया है. बुंदेलखण्ड क्षेत्र में खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष में 05 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य. सोलर पम्पों द्वारा सिचाई की स्थापना के लिए 131 करोड़ रूपये की व्यवस्था. स्प्रिंकलर सिंचाई योजना के अन्तर्गत किसानों को सब्सिडी हेतु 24 करोड़ रुपये की व्यवस्था. शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य. 80 लाख कुंटल उन्नतिशील गन्ना बीज गन्ना कृषकों को उपलब्ध कराया जाएगा.

पर्यटन के लिए पिटारा

2018 के तहत रामायण सर्किट, कृष्णा सर्किट, सूफी सर्किट, बौद्ध सर्किट, बुंदेलखंड सर्किट, जैन सर्किट के लिए 70 करोड़ रुपए. बजट में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की स्थापना एवं सुविधाओं के लिए 100 करोड़ रुपए. लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश की सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 11343 करोड रुपए की बजट की व्यवस्था. पुलों के निर्माण के लिए 1817 करोड रुपए की व्यवस्था मार्गों की नवीनीकरण अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्य के लिए वर्ष 2018 19 में 3324 करोड़ की बजट व्यवस्था. आरआईडीएफ योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में मार्गों के नवनिर्माण चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण तथा सिद्ध के निर्माण हेतु 920 करोड़ की व्यवस्था.

शिक्षा पर जोर

बजट में ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के लिए 18 हजार 167 करोड़ रुपए. बजट में कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क किताबों के लिए 76 करोड़, यूनिफॉर्म के लिए 40 करोड़, मिड डे मील के लिए 2 हजार 48 करोड़ रुपए, फल वितरण के लिए 167 करोड़. माध्यमिक शिक्षा अभियान 480 करोड़, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल विद्यालय के लिए 26 करोड़.

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 167 करोड़ रुपए. अहिल्याबाई निःशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़. महिला एवं बाल कल्याण के लिए 8 हजार 815 करोड़ रुपए. महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत ‘सबला योजना’ के लिए 351 करोड़ रुपए. बाल पुष्टाहार के लिए 3 हजार 780 करोड़ रुपए. ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के लिए 250 करोड़. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य – प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 291 करोड़ रुपए की बजट में व्यवस्था.

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए करीब 3 हजार करोड़

अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 2 हज़ार 757 करोड़ रुपये. अरबी फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए 404 करोड़ का बजट. अरबी पाठशालाओं को 486 करोड़ के अनुदान की व्यवस्था. मान्यता प्राप्त आलिया स्तर के 246 अरबी-फ़ारसी मदरसों को अनुदान के लिए 215 करोड़.

बजट में चौदह हजार 341 करोड़ 89 लाख रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं.

कैलाश मानसरोवर भवन गाजियाबाज के निर्माण के लिए 94 करोड़ 26 लाख रुपये. यूपी में सड़क निर्माण के लिए ग्यारह हज़ार तीन सौ 43 करोड़. पुलों के निर्माण के लिए एक हजार आठ सौ सत्रह करोड़. सरयू नहर परियोजना के लिए एक हजार छह सौ चौदह करोड़ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए दो हजार आठ सौ तिहत्तर करोड़ रुपये.

ग्रामीण क्षेत्रों में 100 नए आयुर्वेदिक अस्पताल खुलेंगे. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 291 करोड़. यूपी में रोड के निर्माण के लिए 11 हजार 3 सौ 43 करोड़. पुलों के निर्माण के लिए 1 हजार 8 सौ 17 करोड़. सिंचाई सरयू नहर परियोजना के लिए 1 हजार 614 करोड़ रुपये का बजट. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2 हजार 8 सौ 73 करोड़.

बुंदेलखंड एक्सप्रेस के लिए 650 करोड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस 550 करोड़. पूर्वांचल एक्सप्रेस के लिए एक हज़ार करोड़ और लखनऊ आगरा एक्सप्रेस पांच सौ करोड़. वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट लिए दो सौ पचास करोड़ रुपये. मुख्यमंत्री युवा स्वरोज़गार के लिए सौ करोड़ रुपये दिए हैं.

यूपी सरकार द्वारा शुरू की गई अमृत योजना से सात शहरों को फायदा मिला है.

वित्तमंत्री ने बजट भाषण पढ़ते हुए कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए ATS को मजबूत किया गया है. सरकार ने गेहूं खरीद के लिए 5500 केंद्र खोले जाएंगे. योगी सरकार ने पांच लाख आवासों के आवंटन का लक्ष्य रखा है.

लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बजट को दी गई मंजूरी. इससे पहले, कैबिनेट बैठक में आज बजट अनुमोदन के अलावा 9 प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली. कानपुर और आगरा में जर्जर सरकारी भवनों को ध्वस्त करने के लिए मंजूरी दी गई. बजट में इस बार ऊर्जा विभाग को तरजीह दी गई है. ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए ज्यादा पैसों का प्रावधान किया गया है.
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर सूबे के इस बजट में भी 2019 लोकसभा चुनाव की झलक दिखेगी. योगी सरकार का पूरा फोकस गांव, गरीब, युवा और व्यापारी ही होगा. किसानों के बुनियादी ढांचे पर फोकस होगा, रोजगार सृजन के लिए अधिक से अधिक अवसर कैसे पैदा हों इस पर फोकस होगा. इसके अलावा माना जा रहा है कि साथ ही साथ स्टार्टअप पर जोर होगा.

बता दें कि पिछले साल सूबे की सत्ता पर योगी सरकार के विराजमान होने के बाद बजट पेश किया था. योगी सरकार ने अपने पहले बजट में किसान कर्ज़ माफी को सबसे ज्यादा तवज्जो दी थी लेकिन इस बार किसी भी तरह की कर्जमाफी से सरकार बचने जा रही है.

पिछले साल सरकार ने किसानों की कर्ज माफी के लिए 36 हजार करोड़ रुपए रखे थे. माना जा रहा है इस बार सरकार खासकर युवाओं को तवज्जो देने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है. बजट में इस बार लड़कियों के लिए एक खास तोहफा हो सकता है. कन्या विद्या धन योजना और मुख्यमंत्री बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना सरकार शुरू कर सकती है.

इस बजट में सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस के साथ-साथ कानपुर और वाराणसी में मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी धन आवंटित कर सकती है.

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