बीएचयू में होगी इबोला और जीका वायरस की भी जांच

वाराणसी: कई देशों में महामारी का रूप ले चुके इबोला, जीका के वायरस की जांच बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में हो सकेगी. इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आइएमएस) में स्टेट लेवल वायरल डिजीज एंड रिसर्च लेबोरेटरी बनाई जा रही है.

इससे यहां स्वाइन फ्लू, चिकनगुनिया, डेंगू, जैपनीज इंसेफेलाइटिस समेत तमाम वायरस जनित बीमारियों की जांच आसान हो जाएगी. इसके लिए आइसीएमएआर की तरफ से पहली किस्त भी जारी कर दी गई है. जिसके बाद इसका निर्माण शुरू कर दिया गया है.

यह लेबोरेटरी डिपार्टमेंट आफ हेल्थ रिसर्च की ओर से बनाई जा रही है. इसके लिए आइसीएमएआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च) के जरिए रकम मंजूर हुई है. योजना के को-ऑर्डिनेटर व माइक्रो बायोलॉजी विभाग के प्रो. गोपाल नाथ ने बताया कि लेबोरेटरी की योजना नौ करोड़ की है.

इसके लिए पहली किस्त में 1.25 करोड़ रुपये मिल चुके हैं. उन्होंने बताया कि इस रकम का 70 फीसदी खर्च करने के बाद काउंसिल की ओर से दूसरी किस्त जारी हो सकेगी.

प्रो. नाथ ने बताया कि लेबोरेटरी पर वायरल संबंधी बीमारियों की जांच तो होगी ही साथ ही आसपास के युवा रिसर्च भी कर सकेंगे.

लेबोरेटरी में तमाम आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें डीएनए जांच की भी मशीन शामिल है. फिलवक्त करीब 70 लाख रुपये की मशीनें आ चुकी हैं. योजना के तहत छह करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाने हैं. वहीं, मैन पावर को लेकर भी कवायद शुरू कर दी गई है.

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