उत्तर प्रदेशराज्य

छेड़खानी कर दरोगा ने गढ़ी मुठभेड़ की कहानी

गाजियाबाद: पुलिस किस प्रकार से दबंगई करती है इसका ताजा उदाहरण गाजियाबाद के लोनी में देखने को मिला।

यहां शनिवार देर शाम को ऑफिस से लौट रही महिला के साथ पुलिस ने चेकिंग के नाम पर छेड़खानी की। फिर जब रिश्तेदार ने बचाव का प्रयास किया तो उसके साथ मारपीट करके रात भर थाने में बंद रखा।

मामला एसएसपी तक पहुंचा तो गुडवर्क दिखाने के लिए दरोगा ने खुद को घायल करके यह साबित करने की कोशिश की कि थाने में बंद व्यक्ति के साथ उसकी मुठभेड़ हुई थी और अस्पताल में ऐडमिट हो गया।

एसएसपी एचएन सिंह ने मामले की जांच सीओ दुर्गेश कुमार सिंह को सौंपी थी । जांच करने पर सीओ ने माना कि मुठभेड़ की सूचना झूठी थी।

असल मामला युवती के साथ चेकिंग के दौरान उसके जीजा के साथ मारपीट का था। पुलिस ने युवती और उसके परिवार पर दबाव बनाया कि या तो वह समझौता कर ले या उसके जीजा को जेल भेज देंगे।

इसके बाद पीड़ित पक्ष को समझौता करना पड़ा। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब तक समझौता नहीं कर रहे थे तब तक उनके बहनोई को पुलिसवाले छोड़ नहीं रहे थे। इलाके में चर्चा है जिस दरोगा अनूप सिंह पर आरोप लगे हैं वह खुद को सिंघम कहलाना पसंद करता है।

क्या थी घटना

लोनी की सरस्वती विहार कॉलोनी में रहने वाली युवती चेतना ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट कंपनी में काम करती है। रात के करीब 9 बजे वह घर लौटने के क्रम में बेहटा पुलिया पर पहुंची। तब वहां कुछ पुलिस वाले चेकिंग कर रहे थे ।

उन्होंने स्कूटी के आगे खडे़ होकर कागज दिखाने को कहा। वह स्कूटी को साइड में खड़ी करके दारोगा अनूप कुमार सिंह को कागज दिखा रही थी।

आरोप है कि पास में खड़े दो सिपाहियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए छेड़खानी की है। इत्तेफाक से वहां से गुजर रहे उसके बहनोई ने घटना को देखकर कार रोक ली और पुलिस वालों को नसीहत देने लगे।

इससे बौखलाये पुलिस वालों और दरोगा ने उनकी जमकर पिटाई की और थाने ले गए। युवती का आरोप है कि पुलिस वाले नशे में थे।

ऐसे रचा मुठभेड़ का ड्रामा

युवती की सूचना पर घर वाले भी थाने पहुंच गए। मामला एसएसपी तक भी पहुंच चुका था। मामला बढ़ता देख दरोगा थोड़ी देर के लिए थाने के बाहर गया।

फिर वह अपना सिर फोड़कर और कपड़ा फाड़ कर थाने में आया। पुलिसकर्मियों को कहा कि मेरा विडियो बनाओ। जिससे इसे सबूत के रूप में पेश किया जा सके।

इसके बाद दरोगा जीटीबी अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया। पीड़िता ने कहा कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को यह सूचना दे दी कि मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश को पकड़ा गया है और दो बदमाश फरार हो गए हैं।

सुबह अस्पताल से आए दरोगा अनूप सिंह को जब पता चला कि बात मीडिया तक पहुंच गई है तो वह टीला गांव के कृष्णा हॉस्पिटल में ऐडमिट हो गया,

लेकिन दोपहर इस अस्पताल को भी छोड़कर मोहननगर के एक हॉस्पिटल के आईसीयू में ऐडमिट हो गया।

Summary
Review Date
Reviewed Item
छेड़खानी
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

Leave a Reply