उत्तराखंड के सरकारी स्कूल होंगे इंग्लिश मीडियम

उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। राज्य के करीब 18,000 सरकारी स्कूलों के बच्चे अब हिंदी की बजाए अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई करेंगे। राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि इस परियोजना को कई चरणों में लागू किया जाएगा।

इसकी शुरुआत 2018-19 शैक्षणिक सत्र से होगी, जिसमें पहली क्लास को इंग्लिश मीडियम किया जाएगा।

उन्होंने बताया, ‘हम अगले साल से पहली क्लास को इंग्लिश मीडियम बनाएंगे। हम सभी क्लासों में इंग्लिश मीडियम को लागू करेंगे।’

सरकारी स्कूल इंग्लिश को अपनाएं, इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पांडे ने बताया कि सरकारी स्कूलों को हाल के दिनों में अंग्रेजी के 75 सामान्य वाक्य भेजे गए हैं, जिनको उन्होंने रोजाना की क्लास रूटीन में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया, ‘जब बच्चे छोटे वाक्य और शब्द बोलना सीख जाएंगे तो धीरे-धीरे वे जटिल वाक्य भी समझने लगेंगे। इस तरह से बाद में पढ़ाई का माध्यम आसानी से बदल जाएगा।’

इस पहल को लेकर स्कूलों में काफी उत्साह है और स्कूली बच्चों के लिए सीखना आसान हो यह सुनिश्चित करने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। चकराता में उप शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार ने शिक्षकों से चार्टों पर अंग्रेजी में वाक्य लिखकर उसे स्कूलों में टांगने को कहा है।

उन्होंने बताया, ‘हम इस साल जुलाई में शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से कुछ छांटे हुए वाक्यों का इस्तेमाल करने के लिए शिक्षकों और छात्रों को प्रोत्साहित करेंगे। यह एक बड़ी पहल है और अगर हर कोई सहयोग करे तो काफी सफल हो सकती है।’

सरकार की इस पहल से छात्रों को काफी फायदा मिलेगा क्योंकि हिंदी माध्यम वाले छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में चुनौतियों का सामना करते हैं। उनको इंजिनियरिंग और मेडिकल साइंस की पढ़ाई करने में भी दिक्कत होती है क्योंकि वहां सारे विषय इंग्लिश मीडियम में होते हैं।

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