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गन्ना किसानों के लिए अखिलेश से बुरे साबित हुए योगी

गन्ना किसानों के लिए अखिलेश से बुरे साबित हुए योगी

नेशनल डेस्क: प्रदेश के करीब ढाई करोंड़ किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। गुरूवार को यूपी की योगी सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य सिर्फ 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा कर उनके साथ मजाक किया है। जिसको लेकर किसानों का गुस्सा फूट गया है। योगी सरकार के फैसले के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के तमाम नेताओं ने शुक्रवार सुबह विधानसभा के बाहर में गन्ने को जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। किसानों को विश्वास था कि योगी का हर फैसला अखिलेश सरकार से बेहतर होगा। सच्चाई यह है कि गन्ने के समर्थन मूल्य के बढ़ोत्तरी में योगी से पीछे हो गए। अखिलेश सरकार ने 25 रुपये बढ़ाए थे।

राज्यमंत्री ने दी जानकारी
गौरतलब है कि यूपी सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (एस.ए.पी.) को 10 रुपए तक बढ़ाने का निर्णय लिया। राज्य के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने यह जानकारी दी थी । उन्होंने बताया कि गन्ने की अगेती प्रजातियों के लिए 315 रुपए से बढ़ाकर 325 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य कर दिया गया है। इसी प्रकार सामान्य प्रजाति का मूल्य 305 रुपए से बढ़ाकर 315 रुपए किया गया है। इसके अलावा, अनुपयुक्त प्रजाति के लिए 300 रुपए प्रति क्विंटल को बढ़ाकर 310 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य की समस्त चीनी मिलों, जिनमें सहकारी, निगम एवं निजी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं, नए पेराई सत्र में गन्ने के बढ़े दाम से किसानों को भुगतान करेंगी।

चार वर्षों में नहीं बढ़ा था मूल्य
उत्तर प्रदेश में गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (एस.ए.पी.) वर्ष 2011 से लेकर 2015 तक केवल 280 रुपए था। 2015-16 के लिए अखिलेश ने यूपी के 2 करोड़ 80 लाख किसानों को बढ़ी राहत देते हुए एसएपी में 25 रुपए की बढ़ोत्तरी कर एसएपी 315 रुपए दी। उस समय बीजेपी नेताओं ने अखिलेश सरकार बढ़ाए गए एसएपी को नाकाफी बताते हुए इसे 350 रुपए करने की मांग की थी वर्ष 2014 से लेकर यूपी के विधानसभा चुनाव तक मोदी ने कई बार गन्ना किसानों से वादा किया था कि स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाएगी। अब ऐसा नहीं होने पर किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

सत्र– चीनी मिलों की संख्या — चीनी उत्पादन (लाख टन) — खरीद (करोड़ में) — एसएपी (रुपए)

2009-10 — 127 — 5.20 — 12228 — 165

2010-11 — 125 — 5.80 — 13030 — 205

2011-12 — 122 — 7.00 — 18200 — 240

2012-13 — 121 — 7.40 — 22463 — 280

2013-14 — 119 — 6.40 — 19387 — 280

2014-15 — 118 — 7.10 — 20.641– 280

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