क्यों लगता है सूतक, भोजन पकाना एवं भोजन करना क्यों है वर्जित,जानें

ग्रहण का मोक्ष अर्थात शुद्धिकाल मध्यरात्रि 3 बजकर 49 मिनट पर होगा

27 जुलाई 2018 को खग्रास चन्द्रग्रहण लगेगा। ग्रहण का सूतक दोपहर 2 बजकर 55 मिनट दिन से मान्य होगा एवं ग्रहण का स्पर्शकाल रात्रि 11 बजकर 55 मिनट पर होगा।

ग्रहण का मोक्ष अर्थात शुद्धिकाल मध्यरात्रि 3 बजकर 49 मिनट पर होगा।

ग्रहण से जुड़ी जो सबसे बड़ी धारणा है, वह है सूतक। ग्रहण के सूतक के नाम पर लोगों का घर से बाहर आना-जाना अवरुद्ध कर दिया जाता है। यहां तक कि सूतक के कारण मन्दिरों के भी पट बंद

ग्रहणकाल में भोजन पकाना एवं भोजन करना वर्जित माना गया है। ग्रहण के मोक्ष अर्थात् ग्रहणकाल के समाप्त होते ही स्नान करने की परम्परा है।

यहां हम स्पष्ट कर दें कि इन सभी परम्पराओं के पीछे मूल कारण तो वैज्ञानिक है, शेष उस कारण से होने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के उद्देश्य से बनाए गए देश-काल-परिस्थिति अनुसार लोक नियम।

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