वास्तु : ऐसा होगा स्टडी टेबल, मिलेगी मनचाही सफलता

बच्चों में माता-पिता की जान बसती है। हर मां-बाप अपने बच्चों को बेस्ट ही देना चाहते हैं। उनकी यह मनोकामना होती है कि उनका बच्चा जीवन के हर क्षेत्र में न सिर्फ सफलता हासिल करें, बल्कि वह एक स्वस्थ व खुशनुमा जीवन भी व्यतीत करे।

अगर आप भी अपने बच्चे का एक उज्ज्वल भविष्य देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको उनके कमरे को भी सही तरीके से व्यवस्थित करना होगा।

वास्तु अनुसार बनाया गया बच्चों का कमरा उन्हें स्वास्थ्य, सफलता, कुशाग्र बुद्धि व शांति प्रदान करता है। क्या आपने स्टडी टेबल पर ध्यान दिया है।

वह सुविधाजनक तो है लेकिन क्या वास्तु अनुरूप भी है-

– टेबल हमेशा आयताकार होना चाहिए, गोलाकार या अंडाकार नहीं होना चाहिए।

– टेबल के टॉप का रंग सफेद, दूधिया या क्रीम श्रेष्ठ है या अन्य रंग फीके हल्के कलर हों तो श्रेष्ठ है। प्लेन ग्लास भी रख सकते हैं।

– टेबल पर अध्ययन करते समय विषय से संबंधित पुस्तकें व आवश्यक इंस्ट्रूमेंट ही रखें।

– बंद घड़ी, टूटे-फूटे व बंद पेन, धारदार चाकू, हथियार व औजार कदापि नहीं रखें।

– कम्प्यूटर टेबल पूर्व मध्य या उत्तर मध्य में रखें। ईशान में नहीं रखें।

– स्टडी टेबल व कुर्सी के ऊपर सीढ़ियां, बीम, कॉलम, डक्ट व टांड नहीं हों।

– स्वीच बोर्ड आग्नेय या वावव्य में रखें। ईशान पर नहीं हों।

– अध्ययन कक्ष के मंदिर में सुबह-शाम कपूर या शुद्ध घी का दीपक व हल्की खुशबू की अगरबत्ती अवश्य लगाएं।

– भवन का ईशान कोण घटा-कटा व बढ़ा हुआ नहीं हो एवं सीढ़ियां एवं रसोई नहीं हो व मास्टर शयन कक्ष नहीं हो, साथ ही अनुपयोगी सामान, स्टोर व वृक्ष नहीं हों।

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