वैद्य संघ ने तैयार किए 5 लाख औषधीय पौधे, 15 जुलाई से होगा वितरण

बिलासपुर।

होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड रायपुर के सहयोग से परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों की तीन नर्सरी में लगभग पांच लाख पौधे तैयार किए हैं।

होम हर्बल गार्डन योजना के तहत इस वर्ष सर्वाधिक ओषधीय पौधे तैयार किए गए हैं, जो ग्राम रिगरिगा बेलगहना जिला बिलासपुर, ग्राम हरनमूडी पाली जिला कोरबा व ग्राम डोमसराए पण्डरिया जिला कबीर धाम में स्थित नर्सरी में उपलब्ध है।

इसमें प्रमुख रूप से अश्वगंधा, गिलोय, अडूसा, ब्राम्ही, सतावर, कालमेघ, तुलसी, स्टीविया, हडजोड, आंवला, आमा, हल्दी, सतावर, मण्डूपपर्णी निगुर्णी, गुडमार, सहिजन आदि औषधीय पौधे शामिल हैं। योजना के प्रभारी वैद्य अवधेश कश्यप ने बताया कि सभी स्थानीय वैद्यों के सहयोग से माह अप्रैल से ही नर्सरी का कार्य प्रारंभ किया गया था और 15 जुलाई से औषधीय पौधों का निशुल्क वितरण प्रारम्भ कर दिया जाएगा।

परंपरागत वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव वैद्य निर्मल अवस्थी ने बताया कि 5 वर्षों से लगातार संघ ने प्राथमिक विद्यालय, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राओं व ग्रामीण शहरी सहित लगभग तीन लाख लोगों को औषधीय पौधों के महत्व व उपयोगिता की जानकारी से अवगत कराते हुए निशुल्क औषधीय पौधों का वितरण किया गया है।

निर्मल अवस्थी ने बताया की लोगों को अपने घरों में, गमलों पर इन औषधीय पौधों को लगाने में परेशानी नहीं होती है एवं सरल व सहज उपलब्धता से उपयोग करने में भी आसानी होती है।

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