वाणी ही नहीं कलम के भी ‘अटल’ है वाजपेयी

करुण रस से लेकर वीर रस तक की कविताओं की रचना की

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी देश के उन नेताओं में से हैं जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. अटल बिहारी वाजपेयी अपने ओजस्वी भाषणो के लिए वह दुनिया भर में खास पहचान रखते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में उन्होंने ऐसा भाषण दिया जिसे आज भी याद किया जाता है.

यही नहीं, अटल बिहारी वाजपेयी अपनी पार्टी के अलावा विपक्ष के भी चहेते रहे हैं और उनकी कविताएं तो कमाल की रही हैं. अटल बिहारी वाजपेयी की वाणी में जितना जादू है, उनका कलम भी उतनी ही तीखी है. अटल बिहारी वाजपेयी ने करुण रस से लेकर वीर रस तक की कविताओं की रचना की हैं.

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