Valentine Day 2019: प्यार और बलिदान का दिवस, प्रेम के लिए इन्हें दी थी फांसी

4 फ़रवरी को अनेकों लोगों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। अंग्रेजी बोलने वाले देशों में, ये एक पारंपरिक दिवस है

वैलेंटाइन दिवस या संत वैलेंटाइन दिवस एक अवकाश दिवस है, जिसे 14 फ़रवरी को अनेकों लोगों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। अंग्रेजी बोलने वाले देशों में, ये एक पारंपरिक दिवस है, जिसे प्रेमियों के प्यार का दिन भी कहते हैं। विवादों के साथ इसकी शुरूआत हुई थी।

जिसमें प्रेमी एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इजहार वैलेंटाइन कार्ड भेजकर, फूल देकर, या मिठाई देकर करते हैं। ये छुट्टी शुरुआत के कई क्रिश्चियन शहीदों में से दो, जिनके नाम वैलेंटाइन थे, के नाम पर रखी गयी है। उच्च मध्य युग में, जब सभ्य प्रेम की परंपरा पनप रही थी, जेफ्री चौसर के आसपास इस दिवस का सम्बन्ध रूमानी प्रेम के साथ हो गया।

‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ पुस्तक में वेलेन्टाइन डे से जुड़ी सारी जानकारियां हैं। रोम के सम्राट क्लाउडियस के द्वारा व्यक्तिगत रूप से पूछ ताछ की गयी थी। क्लोडिअस वैलेंटाइन से प्रभावित थे और उनके साथ चर्चा की थी। कोशिश रोमन पागानिस्म में उनका धर्मान्तरण हो जाएं।

इससे उनकी जान बचाई जा सके। वैलेंटाइन ने इनकार कर दिया और उल्टा कोशिश की क्लोडिअस क्रिस्चियन बन जाएं. इस वजह से उसे मार डाला गया था। ऐसा कहा जाता है कि मारे जाने से पहले उन्होनें जेलर की अंधी बेटी को ठीक करने का चमत्कार किया था।

वहीं सम्राट को ये पंसद नहीं था कि इस राज्य के कोई लड़का ना ही प्रेम करें और ना ही शादी। क्यों कि उनका मानना था कि युवा शादी कर अपने गृहस्थ जीवन में व्यस्त हो जाएंगे। इसकी वजह से वह अच्छे सेनापति नहीं बन पाएंगे। इसके साथ हमें किसी भी युद्ध में पराजय का सामना करना पड़ेगा। इसलिए क्साउडियस ने शादी और सगाई पर प्रतिबंध लगा दिया।

जिसके बाद उन्होंने सम्राट के मर्जी के खिलाफ जाकर कई अधिकारियों और सैनिकों की शादियां भी करवाई. जिसके लिए उन्होंने 14 फरवरी को फांसी पर चढ़ा दिया। जिसके बाद प्यार करने वालों के अपनी जान की कुर्बानी देने वाले संत वेलेंटाइन की याद में हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाने लगा.

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