छत्तीसगढ़

ग्राम -पंचायत खोड़री में वनाधिकार प्रशिक्षण सम्पन्न

रितेश कुमार गुप्ता

पसान – कोरबा जिले के विकाशखण्ड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत खोड़री में एकता परिषद मुरली संत जी के द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों (वन अधिकारों की मान्यता )अधिनियम 2006 एवं नियम 2007 के क्रियान्वयन के प्रक्रियाओ के संबंध में एक दिवसीय वनाधिकार प्रशिक्षण शनिवार को सम्पन्न हुआ।

प्रशिक्षण के क्रम में अनुसूचित जनजाति के लोगों को उनके अधिकार व कर्तव्यों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सरकार ने वन में पीड़ियों से निवास करने वाले अनुसूचित जन जाति एवं परंपरागत वन निवासियों को उस भूमि पर रहने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकार की जानकारी नहीं रहने के कारण अनुसूचित जाति एवं परंपरागत अन्य निवासियों को दबंग प्रवृति के लोग उन्हें बेदखल करते हैं।

प्रशिक्षकों ने कहा कि यदि इस प्रकार के मामले आते हैं, तो संबंधित पक्ष इस मामले की शिकायत जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में तत्काल करें, ताकि उन्हें उनका हक और अधिकार पर दखल कब्जा को बरकरार रखने के लिए अधिनियम का सहारा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सरकार वन पट्टा देती है। प्रशिक्षण में शामिल अनुसूचित जन जाति के लोगों को बताया गया कि वन पट्टा को हासिल करने के लिए किस प्रकार से आवेदन किया जाता है।

प्रशिक्षण में उन्हें विभिन्न प्रकार के कानूनों की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रखंड के विभिन्न गांवों के अनुसूचित जन जाति एवं परंपरागत वन निवासी एकता परिषद के मुरली दाश , निर्मला कुजूर ,राम सिंह उईके ,बृज लाल , इंद्रा यादव, औऱ जनप्रतिनिधि सरपंच व जनपद सदस्य सब शामिल हुये । इस वनाधिकार में सबसे बड़ा उत्तरदायित्व वनाधिकार समिति का है इसलिए इससे संबंधित पूर्ण जानकारी देना ही इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है ।।

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