ज्योतिष

सरसों के तेल से वशीकरण का प्रयोग, विधिविधान से कार्य कर के किसी को भी किया जा सकता है वस में

आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) सम्पर्क सूत्र:- 9131366453,

सरसों के तेल से वशीकरण मंत्र, सरसों के तेल को अगर आहार के लिए उपयोगी और उसमें सेहत संबंधी कई गुण पाए जाते हैं, तो इसके साथ कुछ विशेष मंत्रों के प्रयोग से वशीकरण के प्रयोग भी किए जा सकते हैं। इस तेल का संबंध शनि देव और उन्हें प्रसन्न रखने के मंत्रों से है।

वशीकरण के लिए आजमाए हुए कुछ टोटके और तंत्रिक प्रयोग इस प्रकार हैंः-

स्त्री का वशीकरण:-

मोहिनी वशीकरण शाबर मंत्र:-

किसी औरत को सम्मोहित करने के लिए वशीकरण शाबर मंत्र का जाप किया जाता है। इस दौरान सरसो के तेल का दीपक बहुत ही प्रभावकारी होता है। इसे एक तांत्रिक अनुष्ठान के तौर पर विशेषज्ञों के दिशा-निर्देश में किया जाता है।

वह मत्र है:-

तेल तेल महा तेल। देखूं री मोहिनी तेरा खेल।।

लौंग लौंगा लौंगा, बैर एक लौंग मेरी आती:-पाती, दूसरी लौंग दिखाए छाती।

रूठी को मना लाए, बैठी को उठा लाए, सोती को जगा लाए, चलती-फिरती को लिवा लाए,

आकाश की जोगनी, पाताल का सिद्ध।

अमुक को लाग लाग री मोहिनी, तुझे भैरों की आन।।

प्रयोग-विधि:- इसके प्रयोग के लिए रविवार की आधी रात का समय तय करें। घर के किसी एकांत कोने में उत्तर दिशा की ओर मुंह कर लाल आसन पर बैठें। आपने सामने दो जमीन पर छोटे-से लाल कपडे़ पर दो साबुत लौंग रखें।

उसके सामने गूगल या लौबान की अगरबत्ती जलाने के साथ-साथ सरसों के तेल का दीपक भी जलाएं। उसके पास ही पांच किस्म की मिठाई और पांच लाल गुलाब रखें। इस तैयारी के बार ऊपर दिए गए मंत्र का 41 बार जाप करें।

मंत्र में अमुक शब्द की जगह वशीकरण किए जाने वाली औरत का नाम उच्चारित करें। जाप पूर्ण होने पर दोनों लौंग पर फूंक मारें। इस प्रयोग को सात दिनों तक दोहराएं। हर रोज मिठाई और गुलाब फूल बदल दें, जबकि दोनों लौंग और सरसों तेल के दीपक को प्रयोग संपन्न होने तक संभाल कर रखें। अंतिम दिन दोनों लौंग को जिसे वशीकरण करने के लिए प्रयोग किया है उसकी पीठ पर फेंककर मारें। बाकी की सामग्रियों को नदी में प्रवाहित कर दें।

अन्य टोटके:-

पीली सरसों या उसके तेल से कई तरह के साधारण टोटके भी किए जाते हैं, जो बहद असरकारी होते हैं। वे इस प्रकार हैं।

शनिदेव की कृपा:- यदि आप शनि की साढ़ेसाती से परेशान हैं तो एक कटोरी सरसों का तेल लें और उसमें अपनी छाया देखने के बाद शनिवार के दिन उस तेल को शनिदेव के मंदिर में रख दें। यदि चाहें तो इससे शनिदव के चरणों में चढ़ा दें या फिर उन्हें सिर पर से नहला दें। शनि देव की कृपा पाने के लिए किया जाने वाला एक सरल उपाय है।

व्यापार बढ़ाएं:- यदि आपको कारोबार में नुकसान हो रहा हो या व्यापार आगे नहीं बढ़ पा रहा हो तो उसमें आनेवाली बाधा को दूर करने के लिए तीन कटोरियों में सरसों का तेल, धनिया और नमक लें। उन्हें अपने कार्यस्थल पर रखें। इसका प्रभाव कुछ दिनों में ही दिखने लगेगा। और व्यापार में आई बाधा हटने लगेगी और तमाम नकारात्मकता भी दूर हो जाएगी।

शत्रुओं से परेशानी:- यदि किसी शत्रु की वजह से आप अपना कार्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो उसे शांत करने और परेशानी दूर करने के लिए सुबह स्नान के बाद एक टोटका कर सकते हैं।

एक सफेद आसन बिछाएं और उसपर बैठने के बाद अपने सामने पीली सरसों के तल का दीपक जलाएं। उसमें हल्दी डालकर 108 बार ओम बगुलायै नमः मंत्र का जाप करें। ऐसा एक सप्ताह तक करने से शत्रु का आतंक खत्म हो जएगा। ध्यान रहे जाप के दौरान आपकी दृष्टि जलते दीपक पर लगी होनी चाहिए।

विवाह में बाधा:- लड़का या लड़की के विवाह में बार-बार बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में उन्हें सरसों तेल प्रयोग के साथ एक टोटका किया जाना चाहिए। इसकी शुरूआत शनिवार की रात घर में गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर सरसों तेल में छोटी-छोटी पांच पूड़ियां तलने से करें।

बीमारी दवा बेअसर:- यदि आपका को निकटी संबंधी किसी बीमारी से परेशान है और ऐसा लगता है कि दवाई असर नहीं कर रही है, तब सरसों के तेल का दीपक जलाकर एक मंत्र जाप का प्रयोग करें। इसकी शुरूआत किसी भी शनिवार या मंगलवार के दिन से की जा सकती है। घर के किसी एकांत स्थान में आधी रात को सरसों तेल का दीपक किसी भी दिशा में जलाएं।

उसकी लौ की ओर ध्यान केंद्रीत कर बीमार व्यक्ति का स्मरण करते हुए स्फटिक की माला से 108 बार मंत्र का जाप करें। इस जाप को लगातार चालीस दिनों तक करें। कुछ दिनों में ही इसका प्रभाव दिखने लगेगा। बीमार व्यक्ति पर दबाई का असर होगा ओर वह स्वस्थ होने लगेगा।

जाप का मंत्र है:- ओम ह्रौं जू स:।।

घरेलू कलह:- घर में यदि कलह का वातावरण बन जाए, तो उसे पीले सरसों के तेल या साबुत तेल के साथ गुड़, शहद, गाय का घी, चंदन, गुग्गल, अगर , शिलाजीत की धूप बनाकर शनिवार या रविवार के दिन हवन करना चाहिए। हवन की समाप्ति होते ही अदभुत शांति का अनुभव होगा और घर में प्रसन्नता का माहौल बन जाएगा।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453

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