शुक्र गोचर 21 नवम्बर माह 2019 – देव गुरु और राक्षस गुरु रहेंगे साथ-साथ – शुक्र जा रहे हैं धनु राशि में

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव 8178677715, 9811598848

वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह एक सौम्य और शुभ ग्रह माना जाता है। जिस प्रकार बृहस्पति ग्रह को देवताओं का गुरु कहा जाता है उसी प्रकार शुक्र ग्रह को दानवों का गुरु अर्थात दैत्याचार्य माना जाता है।

पृथ्वी से देखने पर यह सबसे चमकीला दिखाई देता है, इसलिए इसे भोर का तारा भी कहते हैं। शुक्र ग्रह को सुंदरता का प्रतीक माना गया है। शुक्र ग्रह आराम, शैय्या सुख, कामुकता, चमक, इत्र आदि सभी प्रकार के सुख-समॄद्धि व साधनों के कारक माना गया है।

शुक्र सांसारिक सुखों का कारक है और जीवन में प्रेम को परिभाषित करता है। जन्म कुंडली में बली शुक्र प्रेम संबंधों में सफलता, भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति कराता है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित शुक्र यौन दुर्बलताएं, प्रेम संबंधों में असफलता और जीवन में सुख सुविधाओं की कमी की ओर इशारा करता है। शुक्र वृष एवं तुला राशि के स्वामी है।

मीन राशि इनकी उच्च व कन्या राशि नीच राशि है। शुक्र ग्रह्की महादशा २० वर्ष की होती है। शुक्र शुभ होने पर व्यक्ति को ललित कलाओं से जोड़ता है। ऐसे व्यक्ति को सौंदर्यपूर्ण, साज सज्जा, संगीत, काव्य, पेंटिंग और अन्य इसी प्रकार की कलाओं में विशेष रुचि रहती है।

सुंदरता देने के साथ साथ शुक्र जातक कुशाग्र बुद्धि, कुशल वक्ता, व आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करता है। शुक्र प्रभावित व्यक्ति दूसरों को आकर्षित करने की शक्ति रखते है। शुक्र का शुभ रत्न हीरा, उप्रत्न जर्कन है। शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए आप इनके आराध्य शिव और भगवान बजरंग बलि का दर्शन पूजन करें।

शुक्र 21 नवम्बर 2019, बॄहस्पतिवार को 12:36 दोपहर वृश्चिक राशि से निकलकर धनुराशि में प्रवेश करने वाले है, यहां शुक्र दिसम्बर 15, 2019 , रविवार को 06:12 सायंकाल तक रहेंगे। इसके बाद शुक्र मकर राशि में गोचर कर जायेंगे। 21 नवम्बर 2019 को शुक्र का धनु राशि में जाना सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा। आईये जानें-

मेष राशि

शुक्र आपके दूसरे और सातवें भाव के स्वामी है और धनु राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि के नवम भाव में विराजमान होगा। यहां शुक्र को शनि, गुरु और केतु जैसे बड़े ग्रहों के साथ रहने का अवसर प्राप्त होगा। ऐसे में आप भोगविलास के विषयों में रुचि कम लेकर धार्मिक क्रियाओं को अधिक समय दे सकते है। आपको बिजनेस में लाभ प्राप्त होने की पूरी संभावना है और साथ ही वैवाहिक जीवन भी काफी अच्छा बीतेगा।

इस समय धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की तरफ आपका रूझान ज्यादा होगा और आप दान-पुण्य के कार्यों का हिस्सा बनेंगे। ये समय आपके लिए सामजिक कार्यों के लिहाज से भी काफी अच्छा साबित होगा। समाज में आपके काम की चर्चा होगी और आपकी सामाजिक ख्याति भी बढ़ेगी।

सरकारी कर्मचारियों को इस दौरान सरकार की तरफ से कोई विशेष सुविधा या लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन की बात करें तो इस दौरान घर में किसी मांगलिक कार्य के होने की पूरी संभावना है।

वृष राशि

शुक्र आपकी जन्म राशि और छ्ठे भाव के स्वामी है। इस समय शुक्र गोचर में आपके आठवें भाव पर गोचर करने वाले है। बाधा भाव में शुक्र का गोचर और उनके साथ इसी भाव में पहले से शनि, गुरु व केतु गोचर कर रहें हैं, जिन्हें राहु की सातवीं दृष्टि भी प्राप्त हो रही हैं, पांच ग्रहों का प्रभाव एक ही भाव पर होने से इस भाव के फल मिले जुले फल प्राप्त हो सकते है।

यह आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में डाल सकता है। आप किसी के प्रति आकर्षित हो सकते हैं और भौतिक वस्तुओं को पाने की लालसा भी आपके मन में आ सकती है। इस दौरान आप को धन से जुड़ी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। विवाहित लोगों का इस समय अपने ससुराल वालों के साथ अच्छा वक़्त बीत सकता है।

मिथुन राशि

शुक्र आपकी राशि के लिए बारहवें और पांचवें भाव के स्वामी है और गोचर में शुक्र की स्थिति इस समय आपके सातवें भाव पर रहेगी। आपके इस भाव पर पहले से ही शनि, गुरु और केतु स्थित है, ऐसे में चार ग्रह आपके इस भाव पर आ जायेंगे।

ग्रहों का यह जमावड़ा आपके जीवन साथी के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं कहा जा सकता है। आप अपने जीवनसाथी के प्रति विशेष प्रेम भाव की अनुभूति कर पाएंगे। आप दोनों के आपसी प्रेम में इजाफ़ा होगा और आप एक दूसरे के पहले से भी ज्यादा करीब आ पाएंगे।

अगर आप लंबे वक़्त से विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो, इस दौरान आपके प्रयास सफल होंगें। विवाह बंधन में बंध सकते हैं। प्रेम विवाह के लिए भी ये उत्तम समय है। इस दौरान अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें और जहाँ तक संभव हो घर का बना खाना ही खाएं।

कर्क राशि

शुक्र को आपकी राशि के लिए ग्यारहवें भाव और चौथे भाव का स्वामित्व दिया गया है। २१ नवम्बर से शुक्र आपके छ्ठे भाव पर गोचर कर रहें है, यहां तीन ग्रह पहले से ही हैं इसलिए अपने विरोधियों से सावधान रहें मामलों को कोर्ट कचहरी ले जाने से आपको बचना होगा। ये समय आपके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। जमीन जायदाद और प्रॉपर्टी से संबंधित कोई मसला आपको इस वक़्त परेशानी में डाल सकता है।

अगर आप इस वक़्त कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो थोड़ा इंतज़ार कर लें क्योंकि इस समय शुरू किये गए किसी भी नए काम में रुकावट आ सकती है। कोई भी काम अच्छी प्रकार से सोच-समझ कर ही करें। इस समय आपको स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी आ सकती हैं इसलिए सेहत को भूलकर भी अनदेखा ना करें।

सिंह राशि

आपकी राशि के लिए शुक्र दसवें भाव और तीसरे भाव के स्वामी है। गोचर में शुक्र इस समय आपके पांचवें भाव पर विचरण करने वाले है। आपके पांचवें भाव की स्थिति पहले से ही कुछ चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि आपके इस भाव पर कई ग्रह एक स्थित हैं, वहां शुक्र का भी होना, आपके प्रेम संबंधों को प्रभावित करेगा।

परन्तु अच्छी बात यह है कि इस दौरान आप नए लोगों के साथ संपर्क में आएंगे और आपके नए रिश्ते भी बनेंगे। छोटे बच्चों का स्वास्थ्य भी गोचर की इस अवधि के दौरान काफी दुरुस्त रहेगा। बच्चे आपकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे और पढ़ाई के क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

शुक्र की स्थिति से आपका धन लाभ भी संभव है। व्यवसाय से जुड़े जातकों के लिए ये समय काफी फायदेमंद साबित होगा। व्यापार में साझेदार आपको लाभ पहुंचा सकता है । कार्यक्षेत्र में जरा सी लापरवाही आपको मुसीबत में डाल सकती है इसलिए कोई चांस ना लें और अपने काम पर विशेष ध्यान दें।

कन्या राशि

आपके भाग्येश और द्वितीयेश शुक्र का गोचर नवम्बर २१ से आपके चतुर्थ भाव पर रहने वाला है। यहां शुक्र आपके घर की साज-सज्जा को बेहतर करने में सहयोग करेंगे। इस भाव में शुक्र, केतु और गुरु की उपस्थिति पहले से ही होने से आपके घर-परिवार की शांति भंग चल रही है। कोई नयी प्रॉपर्टी या फिर नया घर भी खरीद सकते हैं।

लंबे समय से चली आ रही किसी मानसिक तनाव की स्थिति से भी इस दौरान आपको छुटकारा मिलेगा। इस दौरान कार्यक्षेत्र में भी आपको नये अवसर प्राप्त होंगें और उच्च अधिकारियों का भी साथ मिलेगा। आपका तबादला आपकी किसी पसंदीदा जगह पर हो सकता है।

शुक्र का ये गोचर आपके वैवाहिक जीवन में नयी ऊर्जा और संभवनाएं लेकर आएगा। जीवनसाथी के साथ इस दौरान किसी पसंदीदा जगह पर छुट्टियों का आनंद लेने के लिए जा सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इस समय शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

तुला राशि

शुक्र आपकी राशि के स्वामी होने के साथ साथ आपके आठवें भाव के स्वामी भी है। गोचर में शुक्र की स्थिति आपके मित्र भाव मतलब तीसरे भाव पर रहेगी। यहां शुक्र शनि, केतु और गुरु के साथ युति करने वाले है। चार ग्रहों का एक साथ होना, वह भी तीसरे भाव में आपकी यात्राओं को कष्टमय बना सकता है।

अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। आप अपने भाई बहनों के साथ एक खुशगवार वक़्त व्यतीत कर सकेंगे। इस दौरान आप नए लोगों के साथ संपर्क में आएंगे और आपके नए मित्र भी बनेंगे। लिहाजा आपके सामाजिक स्तर में वृद्धि होगी और आप में एक सकारात्मकता आएगी।

दूसरी तरफ आपका रूझान धार्मिक कार्यों के तरफ भी होगा। कार्यक्षेत्र में बॉस के साथ अच्छे संबंध बनेंगे और आपके काम की सराहना होगी। यदि आप किसी नए व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं तो उसके लिए भी ये समय उत्तम है।

वृश्चिक राशि

शुक्र आपकी राशि के लिए बाहरवें भाव और सातवें भाव के स्वामी है। 21 नवम्बर से शुक्र का विचरण आपके द्वितीय भाव पर रहने वाला है। इस दौरान आप किसी नए बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो उसके लिए भी ये समय आपके लिए काफी अच्छा रहेगा।

अगर आप किसी मित्र के साथ मिलकर साझेदारी में किसी नए बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो वो भी आपके लिए काफी फायदेमंद सिद्ध होगा। आपके बिजनेस में आपका जीवनसाथी भी ख़ास भूमिका अदा कर सकता है और ये आपके लिए लाभप्रद रहेगा।

पारिवारिक दृष्टिकोण से भी ये समय आपके लिए उत्तम है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य के संपन्न होने का भी योग बन रहा है। विवाह योग्य जातकों के लिए शादी का प्रस्ताव भी इस समय आ सकता है। इस दौरान किसी विदेशी स्रोत से आपको धन लाभ हो सकता है।

धनु राशि

आपकी राशि के ग्यारहवें और छ्ठे भाव के स्वामी शुक्र गोचर में आपकी राशि पर आने वाले है। यहां शुक्र आपके स्वास्थ्य के विषय में मिश्रित फल देंगे, क्योंकि इस समय आय भाव पर केतु, शनि और गुरु भी है। स्वास्थ्य की बात करें तो गोचर की ये अवधि आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में डाल सकती है।

लिहाजा इस दौरान आपको अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखने की जरुरत है। दूसरी तरफ ये समय आर्थिक दृष्टिकोण से आपके लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में भी आपके काम को सराहा जाएगा और यहाँ भी आपको तरक्की हाथ लगेगी। दोस्तों और करीबियों के साथ आप अच्छा समय व्यतीत कर पाएंगे। परिवार के लोग इस समय आपके साथ खड़े रहेंगे और हर परेशानी से आपको बाहर निकलने में मदद करेंगे।

मकर राशि

आयेश और पंचमेश शुक्र का गोचर आपके बारहवें भाव पर हो रहा है। ऐसे में इस अवधि के दौरान उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्र अपने मकसद में पूरी तरह से सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप किसी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं तो इस दौरान आप की विदेश यात्रा भी संभव है।

गोचर का ये समय आर्थिक रूप से आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है, इस दौरान आपके खर्चों में इजाफ़ा होगा और आगे आपको आर्थिक तंगी का शिकार भी होना पड़ सकता है। यदि आप इस दौरान अपने ख़र्चों पर कंट्रोल नहीं रखते हैं तो आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि के दौरान आपकी आय के नए मार्ग भी बनेंगे।

कुम्भ राशि

दशमेश और चतुर्थेश शुक्र का गोचर 21 नवम्बर से आपके आय भाव पर होने जा रहा है। शुक्र के साथ यहां शनि, केतु, और गुरु भी रहेंगे। इन चार ग्रहों की युति के फलस्वरुप आपके आर्थिक लाभ होने की भरपूर संभावना है। इस दौरान आपको विभिन्न स्रोतों से अपार धन लाभ के योग बन रहे हैं।

समाज में आप अपने काम के लिए जाने जाएंगे जिससे आपका सामाजिक विकास होगा और आप समाज में नाम और शोहरत हासिल करने में सफल हो पाएंगे। इस दौरान आपकी मुलाक़ात किसी ऐसे व्यक्ति से भी हो सकती है जिससे आगे जाकर आपकी घनिष्ठ मित्रता हो सकती है। आपको दोस्तों और परिवार के लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में आप प्रशंसा के पात्र बनेंगे और आपकी पदोन्नति भी संभव है।

मीन राशि

शुक्र आपकी राशि के लिए भाग्येश और तॄतीयेश है, और इनकी स्थिति गोचर में आपके दसवें भाव पर रहेगी। वैसे तो शुक्र दसवें भाव पर शुभफल देते हैं, परन्तु इस भाव पर अन्य ग्रह जिसमें शनि, केतु और गुरु भी होने से आपके कामकाज काफी प्रभावित होंगे और फल आपको मिले जुले आयेंगे।

कार्यक्षेत्र में आपको विभिन्न प्रकार के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं वहीं दूसरी तरफ बिजनेस से जुड़े लोगों को इस दौरान ख़ासा लाभ मिल सकता है। परिवार में छोटे भाई-बहनों के साथ मतभेद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इस वक्त आपको अपने आप पर संयम रखने की आवश्यकता है। जमीन जायदाद और प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मसला इस समय परिवार में विवाद का कारण बन सकता है।

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