वीएचपी की धर्मसभा, स्थिति तनावपूर्ण, शिवसैनिकों का जत्था अयोध्या के लिए रवाना

यहां उनका संतों से मिलने का कार्यक्रम है। वीएचपी की धर्मसभा में दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टालने के फैसले के बाद इस मामले में बयानबाजी और हिंदू संगठनों द्वारा सभाओं का दौर जारी है।

अयोध्या में रविवार को वीएचपी की ओर से आयोजित धर्मसभा से पहले यहां स्थिति काफी तनावपूर्ण है। शहर के लोग किसी अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं। शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचने वाले हैं।

यहां उनका संतों से मिलने का कार्यक्रम है। वीएचपी की धर्मसभा में दो लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। उधर, शहर के लोग इन आयोजनों को लेकर काफी आशंकित हैं। हिंदू और मुस्लिम परिवारों ने तनाव और हालात बिगड़ने के डर से राशन जमा करना शुरू कर दिया है।

उद्धव ने गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली शिवनेरी किले में पूजा-पाठ कर वहां की मिट्टी कलश में भरी। इस अवसर पर ठाकरे ने कह कि वह यह कलश लेकर अयोध्या जाएंगे।

गौरतलब है कि शनिवार को ठाकरे कलश लेकर मुंबई से आयोध्या के लिए रवाना होंगे। मिट्टी के उस कलश को ठाकरे राम जन्मभूमि स्थल के महंत को सौंपेंगे। इसके साथ ही साधु-संतों के साथ इस मामले पर बैठक भी करेंगे।

अयोध्या में उद्धव ठाकरे रामलला के दर्शन करने के साथ ही सरयू तट पर पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो जाना चाहिए।

ठाकरे के अयोध्या पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या शिवसैनिक वहां पहुंच गए हैं और उनके स्वागत की तैयारी चल रही है। गुरुवार को एक विशेष ट्रेन से शिवसैनिकों का जत्था अयोध्या के लिए रवाना हो गया।

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