उपराष्ट्रपति ने सुरक्षा परिषद और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि वे समसामय‍िक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सकें और समकालीन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो सकें।

आज 13वीं एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन के पहले पूर्ण सत्र को नई दिल्ली से वर्चुअल संबोधित करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि दुनिया तेजी से बदलती आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है और वर्तमान बहुपक्षीय प्रणाली इनसे प्रभावी तरीके से निपटने में विफल रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सुधारित बहुपक्षवाद एक प्रमुख प्रेरक सिद्धांत है जिसे भारत ने मौजूदा वैश्विक संस्थागत संरचनाओं के उद्देश्यपूर्ण सुधार के लिए अपनाया है।

श्री नायडू ने कहा कि शांति के बिना विकास सम्‍भव नहीं है और विकास की कमी तथा अवरुद्ध आर्थिक प्रगति से हिंसा और अस्थिरता को बल मिलता है। उन्होंने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आजीविका सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया ताकि कोविड-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभावों से निपटा जा सके।

उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि महामारी ने अविश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से लेकर असमान वैक्सीन वितरण तक की खामियों को उजागर किया है। इससे वैश्विक एकजुटता और मजबूत बहुपक्षवाद की आवश्यकता का महत्‍व बढ़ गया है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों का उल्‍लेख किया है। ये हैं- लचीली तथा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला, स्वास्थ्य सुरक्षा, विकास के लिए डिजिटल और हरित तथा सतत सुधार।

श्री नायडू ने एशिया-यूरोप बैठक की 25वीं वर्षगांठ पर सभी भागीदार सदस्यों को बधाई दी। वैश्विक चिंता के मुद्दों को हल करने के लिए दोनों महाद्वीपों के नेताओं और लोगों को एक साथ लाने के लिए एशिया-यूरोप बैठक की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने सहयोगात्‍मक बहुवाद को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

आज जिस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का उद्घाटन हुआ, उसकी मेजबानी कम्‍बोडिया, वर्चुअल माध्‍यम से कर रहा है। इसका विषय है- साझा विकास के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना। शिखर सम्‍मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू कर रहे हैं, वे कल इसके रिट्रीट सत्र को भी संबोधित करेंगे।

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