क्राइमछत्तीसगढ़

लाखों रुपए की ठगी करने वाला शातिर ठग बाज चढ़ा पुलिस के हत्थे

वर्ष 2016 जनवरी में शशिभूषण ने प्रार्थी को स्वयं का कार्य बैंक में एफडी एवं गाडी फायनेंस कराने वाला बताया था ।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

डेस्क (रायगढ़) : कोतरारोड़ पुलिस द्वारा ने आज एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया गया, बताया जा रहा है कि आरोपी द्वारा एक ड्रायवर को बैंक में एफडी कराने एवं गाड़ी फायनेंस के नाम पर चार लाख छिहत्तर हजार रूपये की ठगी किया था,आरोपी पिछले चार दिनों से गिरफ्तारी के भय से पुलिस से लूकछिप रहा था, थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक चमन सिन्हा द्वारा मुखबिर एवं स्टाफ लगाकर आरोपी को धर दबोचा गया जिसे आज न्यायिक अभिरक्षा पर भेजा गया है।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार आवेदक रमजान अंसारी आ. कलीम अंसारी उम्र 28 वर्ष निवासी जय जगन्नाथ ट्रांसपोर्ट मंगलूडीपा रायगढ जो पेशे से ड्राईवर है,उसने थाना में शिकायत की थी कि जगन्नाथ ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने शशिभूषण महेन्द्र का मकान है और वह उसे लगभग 4 वर्ष से जानता है,वर्ष 2016 जनवरी में शशिभूषण ने प्रार्थी को स्वयं का कार्य बैंक में एफडी एवं गाडी फायनेंस कराने वाला बताया था ।

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वही उसके बाद उसने आवेदक को आश्वासन दिया कि वह उसके नाम से 12 चक्का 3118 टाटा गाडी फायनेंस करवा देगा जिससे वह अपनी गाडी का मालिक बनकर ज्यादा पैसा कमायेगा,जिसके बाद उसकी बातों में आकर रमजान फरवरी 2016 में 80,000/- रूपये शशिभूषण को एफडी कराने के नाम पर दिया, जिसके कुछ दिन बाद शशिभूषण एक पास बुक बनवाकर रमजान को दिया,वही फिर एक बार शशिभूषण की बातों में आकर जून 2017 में रमजान उसे गाडी फायनेंस कराने के लिए 3,96,000/- रूपये अपने दोस्तों के सामने दिया था,

शशिभूषण एक माह के अंदर गाडी फायनेंस हो जायेगा, दो माह के अंदर गाडी का डाला बनवाकर दिलवा दूंगा कहकर टाल मटोल कर रहा था किन्तु आज पर्यन्त तक उसके द्वारा गाडी फायनेंस कराकर नही दिया गया और न ही पैसा वापस किया गया और शशिभूषण के द्वारा जो एफडी का पास बुक प्रिंट कराकर दिया गया था वह पास बुक भी फर्जी निकला जिसमें सील भी नही लगी थी।

वही आवेदक के शिकायत पत्र की जांच उपरांत 06 नवंबर को धारा 420 भादंवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया था, वही आरोपी को भनक लग गई थी कि उसके विरूद्ध थाना कोतरारोड में कार्यवाही हुई है, तब से वह फरार हो गया था जिसे गिरफ्तार कर आज रिमांड पर भेजा गया है,आरोपी पतासाजी व गिरफ्तारी में टीआई कोतरारोड के साथ सहायक उपनिरीक्षक डी.पी. भारद्वाज, एएसआई अर्जुन चंद्रा, आरक्षक विनोद सिंह, उमाशंकर, संतोष मिरी एवं महिला आरक्षक मिथिलेश पैंकरा की सक्रिय भूमिका रही।

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