अपने ही शतरंज की चाल में फंस चुका है विजय केशरवानी

-नईम खान

बिलासपुर।

जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष का पदभार संभाले हुए विजय केशरवानी को ज्यादा वक्त नहीं बीता है. फिर भी विवाद है कि उनका पीछा नहीं छोड़ रहे. विजय केशरवानी जो कांग्रेसी खेमे में चरणदास महंत के करीबी माने जाते है.यह पद सहजता से नहीं मिला है, जैसे ही जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए उनका नाम चला विरोधियों ने उन्हें दौड़ से बाहर करने के लिए फुल छाप कांग्रेसी की बात उठाई, तब इस पद के लिए प्रमोद नायक का नाम लगभग फाईनल था.

कई नेता तो उन्हें बधाई भी देने लगे थे. किन्तु यह कांग्रेस है कहा से कौन सा समीकरण बना और क्रिकेट प्रतियोगिताओं का यह आयोजक जिला कांग्रेस कमेटी का ग्रामीण अध्यक्ष बन गया. उन्होंने अपने शपथ ग्रहण को काफी ग्लैमर वाला बनाया किन्तु इतनी ही ईमानदारी जब बहतराई के लिए चाही गई तो वे लड़खड़ा गए. पार्टी के अध्यक्ष राहूल गांधी का सवांद कार्यक्रम एक ऐसा मौका था जिससे केशरवानी अपने कद को निर्विवाद रूप से सिद्व कर सकते थे.

किन्तु यहां ढुलमुल रवैया दिखा और उन्ही की करनी को प्रदेश प्रभारी ने अपने गले का हार बनाया, यह कह कर कि कार्यक्रम राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर का नहीं हुआ. हम क्षमा मांगते है, यदि प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने बहतराई के सवांद कार्यक्रम के तुरंत बाद यह कथन न किया होता तो विजय केशरवानी पर गाज गिरना सिर्फ समय की बात थी, प्रभारी द्वारा क्षमा मांगने के बाद लगता था कि केशरवानी अपनी आदत से बाज आएंगे।

किन्तु ऐसा नहीं हुआ उन्होंने अपनी चाले उसके बाद भी चली और अरपा बचाओं यात्रा में वे खुल कर सामने आ गए, यहां तक की उन्होंने अपने सह प्रभारी को भी लपेट लिया कई बार अरपा बचाओं यात्रा में टिकट के दावेदार बडी संख्या में सक्रिय है. ये दावेदार यात्रा को अपने अनुसार चलाना चाहते है,

कुछ दावेदारों को जिला ग्रामीण अध्यक्ष की शह प्राप्त है, और सचिव है कि उसी दिशा में बहे चले जाते है. देवरीखुर्द में एक महंत समर्थक को महामंत्री के एक समर्थक ने अपने दायरे में रहने की नसीहत दी। महंत समर्थक स्वयं निर्वाचित जनप्रतिनिधि है, तो महामत्री के समर्थक का यह दावा है कि चुनाव की टिकट तो उसी ने दिलाई थी. बेलतरा क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट के आधा दर्जन दावेदार है, यहां भी खिंचतान हुई और यात्रा अपने मूल उदेष्य से भटकती दिखी कल मंगला चौक जब पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शहर अध्यक्ष को यह कह दिया कि सब आपकी जिम्मेदारी है.

अनुशासन बनाने की जिम्मेदारी भी अपील है, तब बिना एक पल गवाएं शहर अध्यक्ष ने कह दिया हमे अध्यक्ष मानता कौन है. आप ही के लोग एक से अधिक बार रास्ट्रीय पदाधिकारियों के सामने हमे नीचा दिखा चुके है, और आज आप हमको ही अनुशासन लागू करने कह रहे है. कांग्रेस पाट्री के वरिष्ठ नेता यदि कुछ ही रोज के भीतर पार्टी के भीतर चल रही इन शतरंज की चालों को नहीं रोकते तो पार्टी का इस बार जीत का सपना सिर्फ सपना ही रह जाएगा।

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