भारत लौटना चाहता है विजय माल्या, कर्ज चुकाने को तैयार

माल्या ने यह भी संकेत दिए कि वह बैंकों के 9000 करोड़ रुपए लौटाने को भी तैयार है।

लन्दन : करीब 9,000 करोड़ रुपए के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी विजय माल्या भारत लौटना चाहता है। वह यहां आकर कानून का सामना करने को तैयार है। माल्या ने यह भी संकेत दिए कि वह बैंकों के 9000 करोड़ रुपए लौटाने को भी तैयार है।

माल्या पर बैंक फ्रॉड, मनी लॉन्डरिंग और बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर 10 हजार करोड़ रुपये के लोन का मामला चल रहा है।

माना जा रहा है कि कुछ ही हफ्ते में इस मामले पर सुनवाई पूरी हो जाएगी। अगर उन्हें इस मामले में भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाता है तो उन्हें भारत में सुनवाई के दौरान जेल जाना पड़ेगा।

कुछ उच्च पदस्थ सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार को बताया, ‘इस मामले में भारत वापस लौटने के लिए माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से संपर्क किया है।

हालांकि ईडी ने इस मामले पर माल्या को किसी तरह का कोई वादा नहीं किया है। अगर वह वापस भी लौट आते हैं तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि उन पर मामला नहीं चलाया जाएगा।

लौटने के बाद भी माल्या को अपना केस भारतीय अदालतों में लड़ना होगा। संभव है कि वापस लौटने पर उन्हें एक या दो दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल जाए।

अगर वह अपनी मर्जी से वापस लौटते हैं तो हम उन्हें इमर्जेंसी ट्रैवल डॉक्युमेंट जारी कर सकते हैं और इसके बाद प्रत्यर्पण का केस अपने आप खत्म हो जाएगा।’

उन्होंने आगे बताया, ‘अगर माल्या भारत वापस लौटते हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ऐसी कोई योजना नहीं है कि उनके ऊपर दर्ज किए गए आपराधिक मामले वापस ले लिए जाएं।

उन्हें न्याय व्यवस्था का सामना करना होगा। इसके बाद भारतीय अदालतें ही इस मामले पर फैसला देंगी कि उन्होंने धोखाधड़ी की है या यह उनके बिजनस फेल होने का मामला था।

हालांकि भारत सरकार यह साबित करने का प्रयास करेगी कि यह धोखाधड़ी का मामला था। हमें नहीं पता कि उन्होंने ईडी से संपर्क क्यों किया है जबकि इंग्लैंड में प्रत्यर्पण का केस सीबीआई लड़ रही है।

अगर वह भारत वापस जाना चाहते हैं तो हम यूके की सरकार से उनका पासपोर्ट लौटाने की गुहार करेंगे। हम किसी भी तरह उन्हें वापस भारत लाना चाहते हैं।’

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