Vijayadashmi in Bilaspur 2021: बिलासपुर में रावण के पुतले की ऊंचाई अपने हिसाब से रख सकती हैं समितियां, दहन के दौरान रहेंगी जरूरी बंदिशें

दशहरा पर्व के दौरान रावण के पुतले की ऊंचाई आयोजन समिति अपने हिसाब से तय कर सकती है। दहन के दौरान जरूरी बंदिशों का समितियों को पालन करना होगा।

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा

संवाददाता : राधिका पाखी

बिलासपुर। दशहरा पर्व के दौरान रावण के पुतले की ऊंचाई आयोजन समिति अपने हिसाब से तय कर सकती है। दहन के दौरान जरूरी बंदिशों का समितियों को पालन करना होगा। जिला दंडाधिकारी व कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने दशहरा पर्व के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया है। पुतला दहन कार्यक्रम स्थल की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक ही लोगों को शामिल होने की अनुमति रहेगी।
ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मापदंडों और शीर्ष अदालत के दिशा निर्देशों का पालन करने की अनिवार्यता भी रहेगी। खास बात ये कि उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे की मनाही कर दी गई है।

समितियों को इन निर्देशों का करना होगा पालन

पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाए। कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे।

आयोजकों को रजिस्टर संधारित करना होगा। कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों के नाम,पता,मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। उनमें से कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा सके।

इंटरनेट मीडिया के जरिए समितियों को सीमित समय के लिए कार्यक्रम आयोजन के संबंध में जानकारी देनी होगी।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने वालों को मास्क लगाना अनिवार्य है। शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा।

पुतला दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार बैरिकेटिंग करना होगा।

किसी भी प्रकार की ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे, धुमाल, बैंड बजाने की अनुमति नहीं रहेगी। कार्यक्रम स्थल में झांकी भी नहीं निकालेंगे।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश

समिति को सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी।

थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने पर अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश वर्जित रहेगा।

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