विकास : कोई पागल कहता है, कोई चिड़िया समझता है

विकास : कोई पागल कहता है, कोई चिड़िया समझता है

रायपुर : विकास एक ऐसा नाम जिसे कभी पागल कहा जाता है तो कभी चिड़िया का नाम दिया जाता है. वैसे तो अंग्रेजी के डेवलपमेंट को हिंदी में विकास कहा जाता है. लेकिन इन दिनों राजनीतिक गलियारों में विकास का मुद्दा सबसे अहम् हो गया है. जब जब किसी राज्य में चुनाव होता है तो उस दौरान विकास का नाम सामने आ जाता है.

गुजरात विधानसभा चुनाव से विकास की बात शुरू हुई थी अब छत्तीसगढ़ में इसका सिलसिला चल पड़ा है. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले कहा था कि गुजरात में विकास पागल हो गया है. जिसके बाद विरोधियों ने भी इसका करारा जवाब दिया था.

गुजरात से निकलने के बाद अब विकास पागल होने के बजाय छत्तीसगढ़ में एक चिड़िया बन गया है. जी हाँ गुजरात में राहुल ने विकास पागल कहा था अब छत्तीसगढ़ में इसे चिड़िया कहा जा रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने एक बयान में कहा था कि विकास किस चिड़िया का नाम है. ये कांग्रेस को कैसे पता चलेगा.

सीएम के इस बयान के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कमान सँभालते हुए ट्विट किया और विकास की चिड़िया को ढूंढने की बात कही. भूपेश ने इसके साथ ही एक के बाद एक लगातार ट्विट कर और बयान देकर सीएम और उनकी सरकार पर हमला बोला. तो डॉ. रमन सिंह ने भी भूपेश के आरोपों का जवाब दिया.

कांग्रेस ने विकास की चिड़िया को लेकर थानों में भी शिकायतें दर्ज कराई. वहीँ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी ट्विट के जरिये विकास को कर्नाटक से जोड़ कर कांग्रेस पर हमला बोलने में कमी नहीं की.

विकास की चिड़िया की बात चश्मे तक पहुंची

विकास की चिड़िया को लेकर शुरू हुआ वार नेताओं के चश्मे तक जा पहुंची. प्रदेश के मुखिया ने कहा कि कांग्रेस के नेता कौन सा चश्मा लगाते हैं जो उन्हें विकास नहीं दिख रहा है. सीएम के इस बयान पर भूपेश बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि सीएम जिस डॉक्टर से चाहे मेरे चश्मे का ग्लास, रंग और फ्रेम अपने मुताबिक लगा ले लेकिन छत्तीसगढ़ की सड़कों पर मेरे साथ विकास की चिड़िया खोजने निकले. इस दौरान भूपेश बघेल ने सीएम को आमन्त्रण भी भेजा था.

विकास की चिड़िया पर आया नया मोड़

विकास की चिड़िया को लेकर छत्तीसगढ़ में बवाल थमा ही नहीं था कि नीति आयोग के सीईओ ने पिछड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम भी शामिल कर लिया. ऐसे में नीति आयोग के सीईओ अमिताभकान्त के बयान पर कांग्रेस मौका कहा छोड़ने वाली थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस कांफ्रेस कर इस मसले पर सीएम पर निशाना साधना शुरू कर दिया. भूपेश ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि अब सीएम क्या नीति आयोग के सीईओ के चश्मे का नंबर भी पूछेंगे.

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