छत्तीसगढ़

नाली निर्माण में भ्रष्टाचार पर ग्राम के रोजगार सहायक पद से बर्खास्त

दीपक वर्मा:

अभनपुर:अभनपुर जनपद कार्यालय क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों के साथ ही ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की लगातार भ्रष्टाचार में संलिप्तता की शिकायतें मिल रही है। जिस पर बर्खास्त के साथ साथ थाने में शिकायते विभागीय कार्यालय द्वारा किये जा रहे है। यही मामला अभनपुर जनपद कार्यालय के ग्राम पंचायत हसदा नम्बर 02 का है जहां महात्मा गांधी नरेगा के तहत नाली निर्माण में भ्रष्टाचार पर ग्राम के रोजगार सहायक को पद से पृथक किया गया है।

जिला पंचायत रायपुर द्वारा टीम गठित कर जांच

आपको बता दे कि ग्राम हसदा नम्बर 02 में वर्ष 2016-17 नाली निर्माण पर ग्रामीणों द्वारा शिकायत किया गया था। जिस पर जिला पंचायत रायपुर द्वारा टीम गठित कर जांच किया गया था। जो लाखो रुपये के नाली निर्माण कार्य में 161 मीटर में नाली निर्माण कम पाया गया था और इस कार्य पर तीन लाख इक्यासी हजार तीन रुपये वसूली के लिए सम्बंधित ग्राम के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक के साथ साथ वही मूल्यांकन कर्ता तकनीकी सहायक, सत्यापन कर्ता अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा व कार्यकम अधिकारी मनरेगा अभनपुर को समान रूप से जांच पर दोषी पाया गया पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है ।

जांच अधिकारी एक रोजगार सहायक को बर्खास्त कर सम्बंधित कार्य मे भ्रष्टाचार पर समान रूप से दोषी अधिकारियों के साथ ग्राम पंचायत हसदा के सरपंच व सचिव पर भी बर्खास्तगी के दोषी है और रोजगार सहायक पर किये गए कार्यवाही सभी पर लागू होना पाया जाता है पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की ऊंची पहुंच के चलते कार्यवाही नही किया है साथ ही ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि शासकीय कर्मचारियों पर राशि वसूली कर भ्रष्टाचार में संलिप्तता अभनपुर जनपद कार्यालय के कर्मचारियों को बचाया जा रहा है।

ग्रामीणों में इस बात पर भारी आक्रोश देखा गया….लोगो ने कहा मात्र राशि वसूली कर भरष्ट अधिकारियों को बचाया जा रहा है और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने की बात कही….अब देखना होगा कि जिला पंचायत कर अधिकारी किस तरह जनपद कार्यालय में पदस्थ भ्र्ष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों से राशि वसूली कर दण्डात्मक कार्यवाही न कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।

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