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गांवों में कनेक्टीविटी की सुविधा नहीं लेकिन सरकार जल्दबाजी में स्मार्टफोन वितरित करने को बेचैन : कांग्रेस

सरकार पर लगाया जल्दबाजी करने का आरोप

गांवों में कनेक्टीविटी की सुविधा नहीं लेकिन सरकार जल्दबाजी में स्मार्टफोन वितरित करने को बेचैन : कांग्रेस

रायपुर : राज्य सरकार के स्मार्ट फ़ोन बांटने की योजना को लेकर एक बार फिर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है. छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि 55 लाख स्मार्ट फोन गांव.गांव तक आवंटित करने के लिए समूचे राज्य के 20 हजार गांवों को पहले बेहतर कनेक्टीविटी से जोड़े जाने का उल्लेख सरकार ने किया था.

इस कार्य के लिए अब 750 करोड़ का प्रावधान कर 2500 टावर लगाने रिलायंस जियो को टेंडर दिया गया है। मई तक आधे.अधूरे ग्रामों में ही कनेक्टीविटी हो सकेगीए इसके बाद भी स्मार्ट फोन बांटने की जल्दबाजी राज्य सरकार कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इंफोटेक सोसायटी चिप्सद्ध ने संचार क्रांति स्काई योजना के तहत 55 लाख से ज्यादा स्मार्टफोन बांटने की तैयारी शुरू कर दी है किंतु समूचे गावों में अब तक कनेक्टीविटी की सुविधा नहीं पहुंची है। हालांकि सरकार यह दावा कर रही है कि 13900 गांवों तक बेहतर संचार संबंध की सुविधा मई तक करा दी जाएगी किन्तु यह दावा केवल स्मार्ट फोन बांटने की जल्दबाजी को लेकर लिया गया खोखला दावा साबित हो सकता है।

प्रवक्ता ने बताया कि 8900 ग्राम पंचायतों तक यह कनेक्टीविटी देने की बात मुख्यमंत्री ने कही थी पर अब केवल 13 हजार 900 गांवों को ही कनेक्टीविटी से जोडऩे का हवाला दिया जा रहा है। आखिर गांव.गांव तक यह सुविधा कब तक पहुंचायी जाएगी और इससे पहले स्मार्ट फोन बांटने की होड़ क्यों मची हुई है.

सुदूर टोला.पारा में बिजली पहुंचाने की बात भी की गई थी पर न बिजली पहुंची है और ना ही छग के आधे गांवों तक संचार सुविधा के तहत कनेक्टीविटी बेहतर हुई है। सरकार एक हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण परिवार की महिला प्रमुख को 40 लाख

शहरी गरीब परिवार के महिला प्रमुख को 5 लाख और महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 5 लाख स्मार्ट फोन विकास यात्रा के दौरान वितरित करने के लिए बेचैन है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश की आधी आबादी ही बमुश्किल इस योजना से लाभान्वित हो सकेगी।

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