छत्तीसगढ़

कोविड 19 एडवाइजरी का उल्लंघन नगर पंचायत के अधिकारियों द्वारा खुलेआम किया जा रहा है जाने क्या है पूरा मामला?

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: नगर पंचायत बरमकेला में अन्तर्ग स्वास्थ्य विभाग के एक डॉ परिवार के लोग उड़िसा राज्य से अपने निजी वाहन से आते हैं और वो भी बिना ई पास के और नगर पंचायत के अधिकारियों के द्वारा उन्हें क्वारन्टीन सेंटर में न रखकर उनके घर में ही होम क्वारन्टीन कर दिया गया है जबकि यह नियम के विरुद्ध है।.

इस विषय पर नगर पंचायत के जोनल अधिकारी का कथन….

इस संबंध में हमारे संवाददाता जब नगर पंचायत बरमकेला के कार्यालय में पहुँचे और जानकारी प्राप्त करने के लिए सीएमओ साहब से मिले तो उन्होंने बताया कि नगर पंचायत की ओर से एक इंजीनियर को जोनल अधिकारी बनाया गया है जिसके द्वारा उक्त दंपत्ति को होम क्वारन्टीन किया गया है।

तब संवाददाता ने पूछा कि जोनल अधिकारी का मोबाइल नंबर है तो दीजिये हम लोग उनसे इस केस की जानकारी मोबाइल से बाद में ले लेंगे।

इस बात पर नगर पंचायत के सीएमओ साहब ने उक्त जोनल अधिकारी का नम्बर देने में भी आनाकानी करने लगे और बोले कि जो कुछ भी जानकारी चाहिये आप लोग मुझसे ले सकते हैं फिर बात नहीं बनता देख सीएमओ साहब के द्वारा उक्त जोनल अधिकारी को ही अपने चेम्बर में बुलाया गया।

इस दौरान हमारे संवाददाता ने उक्त जोनल अधिकारी से पूछा कि आपके द्वारा किया गया होम क्वारन्टीन सदस्यों का आगमन कहाँ से हुआ है?इस बात पर जोनल अधिकारी ने कहा कि मुझे मौखिक रूप से याद नहीं है रजिस्टर देखकर आपको बताऊंगा। उसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल नंबर दिया और चलते बने।

नगर पंचायत के सीएमओ का क्या कहना है जानिये…

जब समाचार लिखने के लिए जानकारी लेने हेतु जोनल अधिकारी को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा तो हमारे संवाददाता ने इस बात की जानकारी के लिए सीएमओ साहब से सम्पर्क किया और पूछा कि आपके जोनल अधिकारी महोदय हमारा फोन भी नहीं उठा रहे हैं और उन्होंने ही आपके सामने कहा था कि जो भी जानकारी चाहिये वो आपको मैं फोन में भी दे दूँगा।

तब सीएमओ साहब बोले कि रुकिये मैं पता करके आपको बताता हूँ कहा और फोन काट दिये।कुछ समय बाद सीएमओ जी का फोन आया और कहा कि बताइये क्या जानकारी चाहिये। तो हमारे संवाददाता ने पूछा कि उक्त रशुख दंपति कहाँ से आये हैं तो सीएमओ साहब बताये कि वो लोग उड़िसा राज्य के बरगढ़ जिला से आये हैं।

इस बात पर हमारे संवाददाता ने पूछा कि जब उक्त रशुख दंपति दूसरे राज्य से आये थे इसकी जानकारी होते हुए भी आप लोगों के द्वारा उन्हें क्वारन्टीन सेंटर भेजने के बजाय उन्ही के घर में होम क्वारन्टीन कर दिया गया है जबकि यह पूरी तरह से गलत किया गया है।

सभी नियमों व शर्तों का पालन

तथा नियम के विपरित है ।इस बात पर उक्त सीएमओ द्वारा कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।तो उनसे पूछा गया कि उनके पास ई पास भी नहीं था और वो लोग अपने निजी वाहन से भी आये थे इतनी सारी गलतियों को जानते हुए भी आप लोगों के द्वारा उन्हें किसके कहने पर होम क्वारन्टीन किया गया है

तो उक्त सीएमओ द्वारा पहले कई तरह से बात को टालने के लिए गोल मोल जवाब देते रहे हैं लेकिन जब उन्हें पूछा गया कि आप सही जानकारी देने में क्यों हिचकिचा रहे हैं तब जाकर सीएमओ साहब का जुबान खुला और बोले कि हम लोग उच्च अधिकारियों के कहने पर ही होम क्वारन्टीन किये हैं।

ठीक उसी समय हमारे संवाददाता ने उक्त सीएमओ को बताया कि महोदय आज से कुछ सप्ताह पहले भी तो डॉ बंगाली के बेटे और पत्नि बंगाल से आये हुये थे जबकि उनके पास ई पास भी था और उनके आने के कुछ रोज बाद उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी थी ।जबकि ई पास से आने वाले लोगों को जो ई पास जारी किया जाता है उसमें साफ लिखा रहता है कि उन्हें 14 दिनों तक होम क्वारन्टीन में रहना है और सभी नियमों व शर्तों का पालन करना है।

होम क्वारन्टीन

डॉ बंगाली के घर में भी सारी सुविधाएं उपलब्ध रहते हुए भी आप लोगों के द्वारा कैसे उन्हें क्वारन्टीन सेंटर में रखा गया था और जो बिना ई पास के आये हुये हैं और न ही किसी को भी बता कर आये हैं इसके बावजूद उक्त रशुख दंपति को आप लोग किस अधिकारी के या किसी दबाव में होम क्वारन्टीन किये हैं?

तब जाकर सीएमओ साहब बोले कि डॉ बंगाली के बेटे और पत्नि को भी उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर ही क्वारन्टीन सेंटर में रखा गया था और जो अभी आये हुये हैं उन्हें भी उच्च अधिकारियों के कहने पर ही होम क्वारन्टीन किये हैं।

तो हमारे संवाददाता ने कहा कि आखिर किस अधिकारी के कहने पर यह सब कुछ किया गया है तो सीएमओ साहब बोले कि SDM(अनुविभागीय अधिकारी)साहब के कहने पर ही रखें हैं आप चाहें तो उनसे बात कर सकते हैं, इतना कहकर फोन काट दिया गया।

इस मामले में कुछ खास तथ्य यह है कि उक्त रशुखदार दंपति उड़िसा राज्य के बरगढ़ जिले से दिनाँक 05/08/2020 को शाम 5 बजे के लगभग पहुंचे और होम क्वारन्टीन अगले दिन 06/08/2020 को किया गया है। मतलब साफ जाहिर होता है कि पूरा मामला ही संदिग्ध है।

आखिर यह सब खेल किसके द्वारा खेला गया है और एक रशुखदार परिवार जो स्वास्थ्य विभाग में डॉ भी है इसलिये उनकी पद की गरिमा को बनाये या बचाये रखने के लिए तो नहीं किया गया है । जाते जाते कई सवाल हैं जिसका जवाब कौन देगा ये तो आने वाले वक्त पर ही पता चल पायेगा कि, कोविड 19 के नियम केवल आम आदमी के लिए ही लागू होता है?

कि कहीं शासकीय कर्मचारियों के परिजनों के लिए अलग से नियम बना हुआ है जिसकी जानकारी अभी तक किसी भी लोगों को नहीं है?कि अधिकारियों को अपने मर्जी से किसी व्यक्ति को जहाँ चाहें वहाँ रख सकते हैं ऐसा भी नियम तो नहीं बनाया गया है?

कोविड-19 एडवाइजरी के उल्लंघन

बरमकेला ब्लाक मे कई मामले कोविड-19 एडवाइजरी के उल्लंघन का सामने आ चुका है जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों की ही जानकारी में सारा ताना-बाना बुना जाता है

चाहे जनपद हो या नगर पंचायत ग्राम पंचायत हो या स्वास्थ्य विभाग सभी जगह लापरवाही देखने को मिली है। तथा जानकारी सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन द्वारा कार्यवाही भी की गई है किंतु अभी तक लापरवाह किसी भी प्रशासनिक कर्मचारी एवं अधिकारी पर कोई गाज नहीं मिल पाई है।

अब तक जो भी कार्यवाही हुई है सिर्फ प्रवासी पर और उसके परिजनों पर ही हुई है लापरवाह एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्यवाही देखने को नहीं मिली है। जबकि गौर करें तो विभागीय उच्च अधिकारियों के बिना सहमति के इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो सकती है।

जिला प्रशासन अगर बरमकेला ब्लाक में लगातार हो रही प्रशासनिक दिशा निर्देशों की अवहेलना (कोविड-19 एडवाइजरी के उल्लंघन) करने वाले कर्मचारियों को लेकर जांच टीम गठित कर समस्त मामले की जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।

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