कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन, राहुल बोले-मोदी से तंग आ चुके हैं लोग

रामलीला मैदान में जमा हुए कांग्रेस समेत विपक्ष के बड़े नेता

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने और डॉलर की तुलना रुपए की कीमत कम होने के विरोध में कांग्रेस के सोमवार को बुलाए गए भारत बंद में भाग लेने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बंद में राजघाट पहुंचे।

कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटने के बाद से राहुल की यह पहली सार्वजनिक मौजूदगी है। राजघाट और जाकिर हुसैन कॉलेज के बीच 1.8 किलोमीटर लंबा मार्च निकाला गया। जनता दल सेकुलर (जेडी-एस), तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, (एनसीपी), लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी), राष्ट्रीय लोक दल, आॅल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और आम आदमी पार्टी (आप) उन विपक्षी पार्टियों में शामिल हैं जिन्होंने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

राहुल ने इससे पहले महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गांधी ने गांधी की समाधि पर कैलास मानसरोवर से लाया जल चढ़ाया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, अंबिका सोनी, अहमद पटेल, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अभिषेक मनु सिंघवी, शैलजा कुमारी, मीरा कुमार, जयराम रमेश, एनसीपी के तारिक अनवर, एलजेडी के शरद यादव और राजद के मनोज झा सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।

पटना में स्टेशन रेल पटरी जाम

पटना के राजेंद्रनगर टर्मिनल पर सांसद पप्पू यादव के नेतृत्व में जनअधिकार पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे और रेल पटरी को जाम कर दिया। इसके बाद सड़कों पर निकले कार्यकर्ताओं ने कई वाहनों के शीशे तोड़े गए।

कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल में इसका असर देखने को मिल रहा है। कलबुर्गी में राज्य परिवहन की बस सेवाएं रोक दी गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संबलपुर में ट्रेन रोकी और भुवनेश्वर में विपक्षी दल सड़कों पर मार्च निकाल रहे हैं। विशाखापट्नम में सीपीआई (एम) के कार्यकतार्ओं ने विरोध प्रदर्शन किया।

पंजाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

पंजाब में कांग्रेस नेताओं और कार्यकतार्ओं ने पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, भठिंडा, फिरोजपुर और अन्य शहरों में किए गए। लुधियाना में प्रदर्शन की अगुवाई सांसद रणवीत सिंह बिट्ट ने की।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2014 में लोगों से किए गए किसी भी वादे को निभाने में विफल रही है। उन्होंने कहा,”ईंधन की बढ़ती कीमतें सभी को, खासकर आम आदमी पर असर डालती है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूतला फूंका।

मुंबई में विपक्ष ने रोकी ट्रेन

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना को छोड़कर सभी पार्टियां बढ़ी कीमतों को लेकर आहूत विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने हजारों कार्यकर्ताओं का अंधेरी स्टेशन बस डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए नेतृत्व किया और बाद में वे रेलवे पटरियों पर पहुंच गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे।

जैसा कि पुलिस ने अंधेरी में कड़ी सुरक्षा एवं व्यवस्था कर रखी थी। पूर्व मंत्री नसीम खान, माणिकराव ठाकरे, सुरेश शेट्टी सहित कई नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। हालांकि, उपनगरीय ट्रेनें, बेस्ट बसें, स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

फिर भी कई इलाकों में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहें। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे, नासिक और राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी आक्रामक विरोध प्रदर्शन किए।

जम्मू एवं कश्मीर में मिला-जुला असर

भारत बंद का सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जम्मू में कांग्रेस कार्यकातओं ने आरएस पुरा इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। शहर में दुकानें, सार्वजनिक परिवहन, व्यवसाय और शैक्षणिक संस्थान सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों में बंद का कोई असर नहीं दिखा।

बिहार के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां

बेगूसराय, आरा में बंद समर्थकों ने रेल मार्गों को ठप किया गया। बांका जिले में भी राजद कार्यकर्ताओं ने बांका इंटरसिटी ट्रेन को रोक दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बक्सर, रोहतास जिले में बंद समर्थकों ने सड़कें जाम कर दी हैं।

वहीं, सीवान, बेगूसराय में वामपंथी दल के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। नालंदा, भोजपुर, गया, सारण जिले में भी बंद समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। इधर, बंद को लेकर पटना सहित राज्य के कई जिलों में कई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है।

पटना में भी बंद समर्थक सड़कों पर उतरे और अन्य क्षेत्रों में बंद के लिए रैली निकली। भारत बंद को लेकर हालांकि राज्य में पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। बिहार के कई स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

हिमाचल में आंशिक असर नहीं

कांग्रेस द्वारा आहूत बंद का प्रभाव राज्य की राजधानी शिमला और सोलन जिले के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र और सिरमौर में काला अंब में अधिक है। सोलन, धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर, मंडी, रामपुर, कुल्लू और ऊना और हमीरपुर में बंद का असर आंशिक रूप से है।

एक कांग्रेस नेता ने बताया, विरोध प्रदर्शन राज्य में किसी को भी अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद करने के लिए मजबूर किए बिना शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है।

तेलंगाना में मोदी और बीजेपी के खिलाफ लगे नारे

तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) इस बंद का समर्थन नहीं कर रही है। आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) हालांकि आधिकारिक तौर पर बंद का समर्थन नहीं कर रही है

लेकिन दोनों राज्यों में इसके कार्यकर्ता पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ विरोध में शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। इन्होंने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और रैलियों का आयोजन किया।

आंध्र प्रदेश में आंशिक असर

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोमवार को ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी बंद का आंशिक असर देखा गया। बस सेवाएं दोनों तेलुगू राज्यों में तड़के से ही प्रभावित हैं।

कई निजी शैक्षणिक संस्थान भी बंद हैं। कांग्रेस और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर बसों का परिचालन रोकने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगमों के डिपो पर धरना दे रहे हैं।

कांग्रेस, विपक्षी पार्टियों, जन सेना और इनसे जुड़े व्यापार संगठनों के नेता हैदराबाद और तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के कस्बों में गिरफ्तार हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव सलीम अहमद और श्रीनिवासन कृष्णन ने महबूबनगर और करीमनगर में विरोध प्रदर्शन किया।

तमिलनाडु में बंद बेअसर

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सोमवार को तेल की बढ़ी कीमतों के विरोध में आहूत किए गए ‘भारत बंद’ के चलते सामान्य जनजीवन पर इसका कोई असर नहीं है। स्कूल, कॉलेज, निजी व सरकारी कार्यालय पहले की तरह खुले हैं और सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन नजर आ रहे हैं, लेकिन कम संख्या में।

उपनगरीय ट्रेनें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। राज्य में नागरकोइल, मन्नारगुडी, तिरुवरुर, सहित कुछ जगहों पर दुकानें बंद हैं। हालांकि, पड़ोसी राज्य कर्नाटक और केरल में बस सेवाओं पर असर पड़ा है। बसें सिर्फ तमिलनाडु की सीमा तक संचालित हो रही हैं, क्योंकि दोनों राज्यों में बंद को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

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