छत्तीसगढ़

राजधानी रायपुर के गौरव वाटिका की जगह पर बनेगा वीआईपी मार्केट

सिंचाई कालोनी के मकानों की तोडफ़ोड़ की प्रक्रिया चल रही

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर के शांति नगर के पास स्थित गौरव वाटिका की जगह पर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड वीआईपी मार्केट का निर्माण करने वाला है। जीई रोड और केनाल रोड के बीचो-बीच यह शहर का आकर्षक और मेट्रो सिटीज की तर्ज पर निर्मित होने वाला पहला व्यवसायिक कांप्लेक्स होगा।

वीआईपी मार्केट के लिए वाटिका के पीछे की उत्कल बस्ती को भी तोड़ा जाएगा। जिसका बस्ती के लोग विरोध कर रहे हैं. लेकिन प्रत्येक परिवार को लभांडी या अन्य कही व्यवस्थापित करने की शर्त पर लोग जगह छोडऩे को सहमत हो गए हैं।

सरकार ने शांतिनगर स्थित सिंचाई कालोनी का रिडेव्हलपमेंट के लिए हाउसिंग बोर्ड को योजना बनाने को कहा है जिसके तहत सिंचाई कालोनी के मकानों की तोडफ़ोड़ की प्रक्रिया चल रही है। यहां कालोनी के तीन सौ मकानों को तोड़कर नए मकान और व्यवसायिक काम्पलेक्स बनाए जाएंगे।

इसी प्रक्रिया के तहत जीई रोड से लगे गौरव वाटिका को भी तोड़ा गया है। वाटिका के ठीक पीछे कुछ सरकारी क्वार्टर और उसके पीछे उत्कल बस्ती है। वाटिका और सरकारी क्वार्टर तोड़े जा चुके हैं, बस्ती को तोडऩे की योजना है।

सिंचाई कालोनी का रिडेव्लपमेंट का कार्य

बताया जा रहा है कि केनाल रोड के पीछे शांति नगर के इलाके में स्थित सिंचाई कालोनी का रिडेव्लपमेंट का कार्य हाउसिंग बोर्ड करेगा। वहीं जीई रोड और केनाल रोड के बीच की जगह पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड वाआईपी मार्केट का निर्माण करेगा।

यह निर्माण स्मार्ट सिटी योजना के तहत होगा। स्मार्ट सिटी लिमिटेड इसके लिए प्लान तैयार कर रहा है। नगर निगम का यह एक महत्वाकांक्षी योजना होगी, रायपुर के सिविल लाइन और वीआईपी इलाके में एक भी बड़ा बाजार मैट्रो सिटी के स्तर का नहीं है।

जीईरोड पर शहर के मध्य वीआईपी मार्केट के निर्माण से इसकी कमी दूर होगी। निगम अभी जवाहर मार्केट के रिडेव्हलमेंट कर वहां निर्मित दुकानों से करोड़ों की आय अर्जित कर रहा है। बीआईपी मार्केट में भी 80 से 100 दुकानों के निर्माण की योजना है.

रायपुर की पहचान की नई इबारत

ये दुकानें भी 80 से 90 करोड़ की कीमत पर बिकने का अनुमान है जिससे निगम को बड़ा राजस्व मिलेगा। शास्त्री चौक से लेकर मरीन ड्राइव तक जीई रोड में एक भी बड़ा मार्केट या व्यवसायिक परिसर नहीं है, इसके निर्माण से यह खालीपन भी दूर हो जाएगा। अगर यह योजना धरातल पर उतरी तो यह देश में रायपुर की पहचान की नई इबारत लिखेगा। हालाकि अभी इस योजना की पूरी प्लानिंग सामने नहीं आई है।

दूसरी ओर गौरव वाटिका तोड़े जाने को लेकर स्थानीय लोगों सहित पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विरोध जताया था और इसे धन की बर्बादी बताया था लेकिन निगम प्रशासन का रुख देखकर लग रहा है कि जिस तरह बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण योजना में दानी गल्र्स और सप्रे शाला मैदान के नवनिर्माण को लेकर जिस तरह विरोध को नजर अंदाज कर निर्माण जारी रखा गया है उसी तर्ज पर वीआईपी मार्केट की योजना पर भी काम शुरू किया जाएगा।

एक्सप्रेस-वे निर्माण: कंसल्टेंट कंपनी के लिए निकाला टेंडर

एक्सप्रेस-वे के निर्माण में राज्य सरकार कोई चूक बर्दाश्त नहीं करेगी। इसका निर्माण कार्य बेहतर हो, इसे लेकर सड़क विकास निगम के अधिकारी चौकन्नो हैं। इसके निर्माण के लिए सड़क विकास निगम कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त करेगी, क्योंकि पिछली कंपनी से अनुबंध खत्म कर दिया गया है।

कंसल्टेंट कंपनी से अनुबंध करने के लिए सड़क विकास निगम ने टेंडर निकाला है। 24 जुलाई को कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त कर दी जाएगी उसके बाद कंसल्टेंट कंपनी की देखरेख में ही एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य किया जाएगा। अधिकारी का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य पर नजर रखने के लिए कंपनी नियुक्त की जा रही है।

ज्ञात हो कि राजधानी स्थित छोटी लाइन पर 300 करोड़ की लागत से बने एक्सप्रेस-वे का तेलीबांधा ओवरब्रिज का हिस्सा 11 अगस्त 2019 को धसक गया था। इस पर शासन ने जांच बिठाई। सीटीआइ और एनआइटी के विशेषज्ञों ने एक्सप्रेस-वे की रोड, एप्रोच रोड, ब्रिज, एलाइमेंट, ब्रिज में पानी की निकासी व्यवस्था, रेलिंग, गिट्टी की मिक्सिंग और ब्रिज के दोनों तरफ की रिटेनिंग वॉल की जांच की। शासन की एप्रोच रोड का कॉम्पेक्शन फेल तथा रिटेनिंग वॉल खराब पाई गई थी ।

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