…तो इसलिए वीरेंद्र सहवाग ने मांगी माफी

मधु गांव के पास के ही जंगल में रहता था और उसके ऊपर आरोप है कि वह खाने के लिए लोकल शॉप्स से सामान चुराया करता था. माना जा रहा है कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. गुरुवार को गांव के लोगों ने उसे पकड लिया और बंधक बनाकर घंटों तक पीटा.

नई दिल्ली:

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने शनिवार को ट्वीट करके केरल में एक आदिवासी पुरुष की भीड़ द्वारा हत्या किए जाने की निंदा की थी. हालांकि बाद में उन्होंने इस ट्वीट पर सफाई दी और माफी भी मांगी.

मधु गांव के पास के ही जंगल में रहता था और उसके ऊपर आरोप है कि वह खाने के लिए लोकल शॉप्स से सामान चुराया करता था. माना जा रहा है कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था. गुरुवार को गांव के लोगों ने उसे पकड लिया और बंधक बनाकर घंटों तक पीटा.

कुछ लोगों ने उस वक्त सेल्फी भी ली. शाम को किसी ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने उसको पकड़ा तो उसने उल्टी की और बेहोश हो गया. जिसके बाद उसे करीब शाम 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. उसी वक्त उसकी अप्राकृतिक मौत मौत हो गई.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि वह इस घटना से काफी आहत हुए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पीड़ित के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.

इस मामले में सहवाग ने ट्वीट कर कहा कि यह सभ्य समाज के लिए कलंक की तरह है. उन्होंने ट्वीट पर तीन आरोपियों के नाम भी लिखे जो मुस्लिम हैं. यह व्यापक रूप से मुसलमानों द्वारा एक हिन्दू की हत्या का मामला लगा.

आठ घंटे के अंदर सहवाग के ट्वीट पर तीन हजार लोगों ने जवाब दिया. अधिकतर लोगों ने कहा कि आप इस भयावह अपराध के पीछे धर्म क्यों देख रहे हैं. कई आरोपियों में से आपने सिर्फ तीन लोगों ने नाम को चुना. पुलिस इस मामले में अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

हालांकि बाद में सहवाग ने बाद में इस मामले में बाद में माफी मांगी. सहवाग ने दूसरे ट्वीट पर लिखा, गलती को नहीं मानना दूसरी गलती है. मैं माफी चाहूंगा कि मुझसे और लोगों के नाम अधूरी जानकारी की वजह से छूट गए मैं इसके लिए तहेदिल से माफी मांगता हूं लेकिन मेरा ट्वीट किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं था.

हत्यारे धार्मिक रूप से अलग भले हों लेकिन हिंसक मानसिकता की वजह से वे एक हैं.

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