विवेक हत्‍याकांड : लखनऊ पुलिस की एफआईआर से दोनों सिपाहियों का नाम गायब

लखनऊ।

एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में दर्ज की गई प्राथमिकी की कॉपी सामने आई है। एफआईआर में आरोपी दोनों पुलिसवालों के नाम और पते नहीं है। एफआईआर अज्ञात पुलिसवालों के नाम दर्ज की गई है, जबकि आरोपी कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी और संदीप इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं और मीडिया में उनका बयान भी चल रहे हैं। पुलिस में दर्ज एफआईआर में कहा गया है, मैं सना अपने कलीग के साथ जा रही थी।

उनका नाम विवेक तिवारी है। CMS गोमती नगर विस्तार के पास हमारी गाड़ी खड़ी हुई थी, तब तक सामने से पुलिसवाले आये, हमने उनसे बचकर निकलने की कोशिश की, उन्होंने हमें रोकने की कोशिश की, उसके बाद अचानक से ऐसा लगा कि गोली चली।

हमने वहीं से गाड़ी आगे बढ़ाई। आगे हमारी गाड़ी अंडरपास दीवार से टकराई और विवेक का काफी खून बहने लगा। मैंने सबसे मदद लेने की कोशिश की। थोड़ी देर में पुलिस आई, जिसने हमें हॉस्पिटल पहुंचाया। सूचना मिली है कि विवेक की मृत्यू हो चुकी है।

बता दें शुक्रवार रात घटी इस घटना ने पर देश में उबाल देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने भी इसके घटना के जरिये उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को निशाना बनाया है। पीड़ित घरवालों को सरकार ने मुआवजे और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया है।

खबरें ऐसी भी हैं कि मामले को गरमाता देख बीजेपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को नसीहत दी है कि पीड़ित परिवार की मांगों पर जल्द अमल हो ताकि मामला तूल न पकड़े क्योंकि 2019 चुनाव नजदीक हैं और समय बेहद नजदीक होने के कारण पार्टी किसी विवाद नें नहीं उलझना चाहती है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विवेक तिवारी हत्याकांड पर हिंदू एंगल से ट्वीट किया और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को रेपिस्ट करार दिया। केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा, विवेक तिवारी तो हिंदू था? फिर उसको इन्होंने क्यों मारा? भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं? अपनी आँखों से पर्दा हटाइए। भाजपा हिंदुओं की हितैषी नहीं है। सत्ता पाने के लिए अगर इन्हें सारे हिंदुओं का कत्ल करना पड़े तो ये दो मिनट नहीं सोचेंगे।

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