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कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों पर वोटिंग जारी

बीजेपी सरकार की किस्मत का होगा फैसला

नई दिल्ली: कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान आरंभ हो गया। यह उपचुनाव राज्य में मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा नीत भाजपा सरकार की किस्मत तय करेगा। मतदान सुबह सात बजे आरंभ हुआ और यह शाम छह बजे तक चलेगा।

चुनाव परिणाम नौ दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। राज्य के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न मतदान केंद्रों पर लोगों को सुबह मतदान के लिए कतारों में खड़े देखा गया। ये उपचुनाव 17 विधायकों को अयोग्य करार देने से पैदा हुई रिक्तियों को भरने के लिये हो रहे हैं।

इन विधायकों में कांग्रेस और जद(एस) के बागी नेता शामिल थे। इन विधायकों की बगावत के चलते जुलाई में एचडी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जद(एस) सरकार गिर गई थी और भाजपा के सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

भाजपा को राज्य की सत्ता में बने रहने के लिए 225 सदस्यीय विधानसभा (अध्यक्ष सहित) में 15 सीटों (जिन पर उपचुनाव हो रहे हैं) में कम से कम छह सीटें जीतने की जरूरत है। विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद विधानसभा में इस समय 208 सदस्य हैं जिनमें भाजपा के पास 105 (एक निर्दलीय सहित), कांग्रेस के 66 और जद (एस) के 34 विधायक हैं।

बसपा के भी एक विधायक हैं। इसके अलावा एक मनोनीत विधायक और अध्यक्ष हैं। कुल 37.78 लाख मतदाता मतदान के लिये योग्य हैं जो कुल 4,185 मतदान केंद्रों पर मतदान करेंगे।

इसके अलावा 4,711 सेवा मतदाता भी हैं। मतदाताओं में 19,25,529 पुरुष, 18,52,027 महिलाएं और 414 अन्य हैं। इनमें 79,714 युवा मतदाता हैं। बृहस्पतिवार को जिन 15 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 12 पर कांग्रेस और तीन पर जद (एस) का कब्जा है।

अयोग्य करार दिए गए 13 विधायकों को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। उपचुनाव लड़ने के लिए उच्चतम न्यायालय से इजाजत मिलने के बाद पिछले महीने वे भाजपा में शामिल हो गए थे।

इन उपचुनाव में कुल 165 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें 156 पुरुष और नौ महिलाएं हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में ये उपचुनाव 21 अक्टूबर को होने थे लेकिन चुनाव आयोग ने इसे पांच दिसंबर के लिए टाल दिया। दरअसल, शीर्ष न्यायालय ने अयोग्य करार दिए विधायकों की याचिकाओं की सुनवाई करने का फैसला किया था।

 

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