नव निर्वाचित लाडले विधायक के स्वागत के लिए जनता कर रहीं हैं इंतजार

हितेश दीक्षित :

छुरा। गरियाबंद जिले के राजिम विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक वोटों से जितने वाले पूर्व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अमितेष शुक्ला ने छत्तीसगढ के भूपेश मंत्री मंण्डल में जगह नहीं मिलने से नराज होकर मंत्री मंण्डल शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करते हुए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुआ।

यह नाराजगी तो समझ आता है लेकिन आज प्रदेश के विधायक चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का चुनाव जीतने के बाद अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहुच कर जनता को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए निकल पड़े हैं।

अभार रैली में शामिल

प्रदेश के मंत्री मुख्यमंत्री भी अपने विधानसभा क्षेत्र में अभार रैली में शामिल हो रहे हैं। यहां तक पराजित प्रत्याशी भी जनता के बीच पहुच रहे हैं। राजिम विधानसभा की जनता पहली बार किसी राजनेता को रिकॉर्ड मतों से विजय अगर दिलाया है तो वह हो अमितेष शुक्ला को।

पण्डित श्यामा चरण शुक्ल भी मुख्यमंत्री रहते हुए भी इतने अधिक मतों के अंतर से चुनाव नहीं जित पाये थे। सन ससत्तर के जनता पार्टी की आंधी में भी छत्तीसगढ के गांधी कहे जाने वाले संत कवि पवन दिवान को भी राजिम क्षेत्र की जनता ने इतना प्यार नहीं दिया था।

जितना प्यार 2018 के चुनाव में अमितेष शुक्ला को मिला। भरपूर प्यार मिलने के बाद भी विधायक अमितेश शुक्ला अभी तक गांवों में प्यार भरे रिकॉर्ड वोट देने वाले जनता जनार्दन को धन्यवाद देने नहीं पहुंचा है।

चर्चा का विषय

आज चौक चौराहे चाय पान की दुकानों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं अमितेष ने मंत्रीमंडल शपथ ग्रहण समारोह के साथ साथ विधानसभा क्षेत्र में नहीं जाने का बहिष्कार तो नहीं कर दिया है।

आम लोगों के लिए अमितेष शुक्ला का क्षेत्र में नहीं आने के कारण कुछ भी हो लेकिन लोग के जुबान पर चर्चा है कि जब तक अमितेष शुक्ला मंत्री नहीं बनगे तब तक क्षेत्र में क्या नहीं आयेंगे।

अमितेष के मंत्री नहीं बनने से जनता क्या कार्यकर्ताओं में भी मायूसी झलक रहा है।श्यामा चरण शुक्ल कभी भी छुरा नगर के सभी पोलिंग बूथ पर लीड नहीं लिया था लेकिन यह पहली बार हैकि अमितेष ने सभी पोलिंग बूथो पर रिकार्ड मत प्राप्त किया है।

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