छत्तीसगढ़

जागे खाद्य विभाग, कइयों की जिंदगी का है सवाल

खुले आम बेची जा रही केमिकल युक्त मिष्ठाने: शर्मा

मनीष शर्मा

मुंगेली/लोरमी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किये जा रहे हैं। इस आशय की खबरों के बारे में समाचार पत्र के माध्यम से जानकारी मिली है पर किन प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र किये गये हैं इस बारे में विभाग मौन क्यों है!
उक्ताशय की जानकारी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के जिला मिडिया प्रभारी मनीष शर्मा ने clipper28.com से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन काम करने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन के द्वारा कुछ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिये गये हैं।

उन्होंने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन को अपने कर्त्तव्यों में पूरी तरह पारदर्शिता रखना चाहिये। विभाग को सतत रूप से यह बताते रहना चाहिये कि उसके द्वारा शहर या जिले के किस प्रतिष्ठान से किस चीज का नमूना लिया गया है और उस नमूने की जाँच के उपरांत रिपोर्ट क्या आयी है।

श्री शर्मा ने आगे कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि शहर और आसपास के खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के द्वारा दीपावली के त्यौहार को देखते हुए बहुत पहले से ही खाद्य सामग्री को तैयार कर लिया गया था।

उन्होंने कहा कि अनेक दुकानों में बिक रही खाद्य सामग्री में न तो निर्माण तिथि है और न ही अवसान की तिथि ही उस पर दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापारियों के द्वारा खाद्य सामग्री को पैकेट में बंद कर बेचा जा रहा है। नियमानुसार इस तरह के पैकेट पर निर्माण करने वाली कंपनी लाईसेंस नंबर निर्माण तिथि एवं अवसान तिथि का होना जरूरी है।

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