राष्ट्रीय

दहेज प्रताड़ना मामले में गिरफ्तारी हो या नहीं, अब फिर पुलिस करेगी तय : सुप्रीम कोर्ट

गिरफ्तारी से पहले दहेज प्रताड़ना की जांच के लिए विशिष्ट गाइडलाइन को हटाया गया

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना मामलों में गिरफ्तारी हो या नहीं ये तय करने का अधिकार पुलिस को वापस दे दिया है.

कोर्ट ने कहा कि हर राज्य के DGP इस मुद्दे पर पुलिस अफसरों व कर्मियों में जागरुकता फैलाएं.

गिरफ्तारी से पहले दहेज प्रताड़ना की जांच के लिए सिविल सोसायटी की कमेटी बनाने की गाइडलाइन को हटाया गया.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति और उसके रिश्तेदारों के सरंक्षण करने के लिए जमानत के रूप में अदालत के पास अधिकार मौजूद है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट इस तरह आपराधिक मामले की जांच के लिए सिविल कमेटी नियुक्त नहीं कर सकता, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती.

दहेज प्रताड़ना के मामले में सीधे गिरफ्तारी पर फिर से विचार करेगा SC, कहा-गाइडलाइन कैसे बना सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने दो जजों की बेंच के फैसले में संशोधन किया और कहा कि इस तरह कोर्ट कानून की खामियों को नहीं भर सकता.

ये कार्यपालिका द्वारा कानून लाकर ही करना संभव है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैलेंस बनाना जरूरी है.

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि अगर दोनों पक्षों में समझौता होता है तो कानून के मुताबिक वो हाईकोर्ट जा सकते हैं.

अगर पति पक्ष कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करता है तो केस की उसी दिन सुनवाई की जा सकती है.

Summary
Review Date
Reviewed Item
दहेज प्रताड़ना मामले में गिरफ्तारी हो या नहीं, अब फिर पुलिस करेगी तय : सुप्रीम कोर्ट
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags
advt